यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 02, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एक देश एक चुनाव पर विधि आयोग ने सात और आठ जुलाई को बुलाई सर्वदलीय बैठक
देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की बहस जोरों पर है।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की बहस जोरों पर है। इसी कड़ी में विधि आयोग ने सभी बड़े राजनीतिक दलों से विचार-विमर्श करने के लिए सात और आठ जुलाई को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने पर चर्चा की जाएगी। आयोग इस मामले में एक साथ चुनावों की संभावना और इसकी व्यवहार्यता पर भी बात करेगा।
उल्लेखनीय है कि विधि आयोग ने जनता से एक देश, एक चुनाव मामले पर सुझाव मांगे थे। उत्तर प्रदेश सरकार ने भी इस मामले में एक कमेटी गठित की थी, जिसने केंद्र सरकार को सूबे में अगला विधानसभा चुनाव वर्ष 2022 के बजाय 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के साथ कराने की सलाह दी थी।
उधर, केंद्र सरकार की ओर से विधि आयोग द्वारा इस मुद्दे पर गठित कमेटी ने भी दिसंबर 2021 से पहले होने वाले सभी विधानसभा चुनाव वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के साथ कराने की बात कही थी। हालांकि कमेटी की इस सलाह पर विपक्ष ने विरोध जताया था।
बता दें कि विधि आयोग द्वारा बुलाई गई इस बैठक में तमाम कानूनी पहलुओं, क्रियान्वयन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होनी है। गौरतलब है कि इसके क्रियान्वयन के लिए एक सर्व स्वीकार्य प्रक्रिया अपनाये जाने की जरूरत है। इस मुद्दे पर विधि आयोग ने चुनाव आयोग के साथ भी हाल में एक बैठक की थी जिसमें इससे जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई है।
