नई दिल्ली, जेएनएन। भाजपा विधायक दल ने प्रमोद सावंत को गोवा के नए सीएम के तौर पर चुना गया है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के अलावा नितिन गडकरी गोवा की स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं और उन्‍होंने प्रमोद सावंत के साथ पणजी के एक होटल में बैठक की है।

आयुर्वेद के डॉक्टर भी हैं प्रमोद सावंत
डॉ. प्रमोद सावंत (45) का जन्म 24 अप्रैल, 1973 को हुआ। सैंकलिम विधानसभा क्षेत्र से चुनकर आए डॉ. प्रमोद सावंत का पूरा नाम डॉ. प्रमोद पांडुरंग सावंत है। उनकी मां पद्मिनी सावंत और पिता पांडुरंग सावंत हैं। प्रमोद सावंत ने आयुर्वेदिक चिकित्सा में महाराष्ट्र के कोल्हापुर की गंगा एजुकेशन सोसायटी से ग्रेजुएशन किया था। इसके बाद उन्होंने सोशल वर्क में पोस्ट ग्रेजुएशन पुणे की तिलक महाराष्ट्र यूनिवर्सिटी से किया। प्रमोद सावंत किसान और आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के प्रेक्टिशनर हैं।

प्रमोद सावंत की पत्नी सुलक्षणा केमिस्ट्री की शिक्षिका हैं। वह बीकोलिम के श्री शांतादुर्गा हायर सेकेंडरी स्कूल में अध्यापन करती हैं। इसके साथ ही सुलक्षणा सावंत भाजपा नेत्री हैं। वह भाजपा महिला मोर्चा की गोवा इकाई की अध्यक्ष हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में डॉ. प्रमोद सावंत ने 10,058 वोट हासिल करके कांग्रेस के धर्मेश प्रभुदास सगलानी को मात दी थी।

उन्होंने सगलानी से 32 फीसद अधिक वोट हासिल किए थे। 2012 के चुनाव में प्रमोद सावंत ने कांग्रेस के प्रताप गौंस को हराया था। तब सावंत को 14,255 वोट मिले थे।माना जाता है कि वह पर्रिकर के करीबी थे। बीते साल सितंबर में कांग्रेस ने प्रमोद सावंत को विधानसभा अध्यक्ष के पद से हटाने का नोटिस दिया था।

गोवा में भाजपा के नेतृत्‍व वाली सरकार में फिलहाल गोवा फॉरवर्ड पार्टी, एमजीपी और निर्दलीय शामिल हैं। सहयोगी पार्टी के नेताओं की भी नजर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर है। यहां तक कि एमजीपी के विधायक सुदिन धवलीकर ने सीएम बनने के लिए इच्छा जाहिर की थी, जिसे कथित तौर पर बीजेपी ने ठुकरा दिया है। माना जाता है कि उन्‍हें और और विजय सरदेसाई को डिप्‍टी सीएम बनाया जा सकता है।

हालांकि मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद पणजी विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना है। वहीं लोकसभा के साथ ही 23 अप्रैल को शिरोडा, मांडरेम और मापुसा विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव पहले से ही तय हैं।

40 सदस्यीय गोवा विधानसभा में भाजपा के पास महज 12 विधायक हैं। भाजपा को गोवा फॉरवर्ड पार्टी, एमजीपी और 3 निर्दलीयों का समर्थन हासिल है। इसी साल भाजपा विधायक फ्रांसिस डिसूजा और मनोहर पर्रिकर के निधन और कांग्रेस के दो विधायकों के इस्तीफे के चलते सदन में सदस्यों की कुल संख्या 36 ही रह गई है। वहीं कांग्रेस के पास कुल 14 विधायक हैं।

 

Edited By: Arun Kumar Singh