KCR: राष्ट्रीय पार्टी बनाने की तैयारी में तेलंगाना के सीएम केसीआर, मोर्चा बनाने में फेल होने के बाद ले सकते हैं बड़ा फैसला
KCR New Party राव ने इस बाबत शुक्रवार को राज्य के मंत्रियों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मैराथन चर्चा की। माना जा रहा है कि वे राष्ट्रीय पार्टी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के गठन के प्रस्ताव पर सहमत हो गए हैं।

हैदराबाद, आइएएनएस। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) ने राष्ट्रीय मोर्चे के अपने विचार पर कोई सफलता न मिलने के बाद एक राष्ट्रीय पार्टी बनाने का मन बना लिया है। वे जल्द ही इस संबंध में अंतिम निर्णय ले सकते हैं। तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) के नेताओं की एक बैठक में 19 जून को इसपर निर्णय लिया जाएगा। TRS प्रमुख ने इस बाबत शुक्रवार को राज्य के मंत्रियों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मैराथन चर्चा की। माना जा रहा है कि वे भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के गठन के प्रस्ताव पर सहमत हो गए हैं।
जून के अंत तक कर सकते हैं औपचारिक घोषणा
केसीआर द्वारा चुनाव आयोग के साथ नई पार्टी को पंजीकृत करने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने की संभावना है। राव जून के अंत तक दिल्ली में इस नई पार्टी की औपचारिक घोषणा करने की योजना बना रहे हैं। टीआरएस नेतृत्व कथित तौर पर बीआरएस के लिए भी 'कार' के टीआरएस प्रतीक को चुनने की कोशिश में है। पार्टी सूत्रों ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में टीआरएस कार्यालय प्रस्तावित राष्ट्रीय पार्टी के मुख्यालय के रूप में काम करेगा।
पहले ही दे दिए थे संकेत
बता दें कि केसीआर पहले ही राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के अपने इरादे की घोषणा कर चुके हैं। केसीआर इसके लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और पूर्व प्रधान मंत्री और जनता दल (एस) के नेता देवेगौड़ा के साथ पिछले कई महीनों से बैठकें भी कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान कहा था कि देश में जल्द ही सनसनी होगी। पार्टी के 21वें स्थापना दिवस पर आयोजित टीआरएस की बैठक में उन्होंने एक राष्ट्रीय पार्टी बनाने का संकेत दिया था।
राष्ट्रीय मोर्चा बनाने में रहे विफल
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि केसीआर ने स्पष्ट रूप से एक राष्ट्रीय विकल्प प्रदान करने के लिए भाजपा विरोधी और कांग्रेस विरोधी ताकतों को एक साझा मंच पर लाने की कोशिश की, लेकिन विफल रहने के बाद एक राष्ट्रीय पार्टी बनाने का फैसला किया है। उन्होंने पिछले कुछ महीनों के दौरान शिवसेना, द्रमुक, राजद, सपा और जद (एस) सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ कई बैठकें कीं, लेकिन भाजपा और कांग्रेस दोनों के विकल्प के रूप में मोर्चा बनाने पर कोई सहमति नहीं बन सकी।
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