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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Shakti Scheme पर कांग्रेस में ही बवाल, खरगे ने की शिवकुमार की खिंचाई; BJP ने भी बोला हमला

By Agency Edited By: Sachin Pandey
Published: Fri, 01 Nov 2024 05:05 PM (IST)

Shakti Scheme सिद्दरमैया सरकार की शक्ति स्कीम को लेकर कर्नाटक में नया विवाद पैदा हो गया है। डीके शिवकुमार के ...और पढ़ें

भाजपा ने मुद्दे पर कांग्रेस नेतृत्व से माफी की मांग की है। (File Image)
भाजपा ने मुद्दे पर कांग्रेस नेतृत्व से माफी की मांग की है। (File Image)

HighLights

  1. डीके शिवकुमार ने स्कीम में पुनर्विचार करने की कही थी बात।
  2. खरगे ने दी थी आर्थिक बोझ बढ़ाने वाली घोषणाओं से बचने की नसीहत।

पीटीआई, नई दिल्ली। कर्नाटक में सिद्दरमैया सरकार की महत्वाकांक्षी शक्ति स्कीम को लेकर नया विवाद पैदा हो गया है। डिप्टी सीएम शिवकुमार व्दारा स्कीम पर पुनर्विचार का बयान दिए जाने के बाद मल्लिकार्जुन खरगे ने इस पर अपनी ही पार्टी की सरकार की खिंचाई की थी। अब भाजपा को भी इस मुद्दे पर कर्नाटक सरकार पर हमलावर होने का मौका मिल गया है।

भाजपा ने शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से माफी की मांग की और कहा कि उनकी पार्टी की राज्य इकाइयों को केवल वही वादे करने चाहिए जो वित्तीय रूप से संभव हों। गौरतलब है कि हाल ही में डीके शिवकुमार ने कहा था कि सरकार इस स्कीम पर पुनर्विचार करेंगी, क्योंकि कई महिलाओं ने बस का किराया देने की इच्छा जताई है।

(डीके शिवकुमार ने कहा था- स्कीम में पुनर्विचार करेंगे।)

भाजपा ने की माफी की मांग

इस पर मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्य सरकार को नसीहत देते हुए कहा था कि चुनाव के दौरान ऐसे वादे न किए जाएं, जो पूरे न किए जा सकें या फिर उन्हें पूरा करने के चक्कर में आर्थिक बोझ हो जाए। अब भाजपा ने खरगे के बयान को आड़े हाथों लेते हुए कांग्रेस नेतृत्व से पूरे मामले में माफी की मांग की है।

भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने मजाकिया अंदाज में पूछा कि क्या खरगे ने राहुल गांधी को अपना पहला ज्ञान दिया है। उन्होंने कहा कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अक्सर राज्य और राष्ट्रीय चुनावों के दौरान अपनी पार्टी के सत्ता में आने की स्थिति में विभिन्न आबादी वर्गों को खटा खट राशि हस्तांतरित करने का दावा करते हैं।

'मतदाताओं को बेवकूफ बनाना कांग्रेस का इतिहास'

रविशंकर ने कहा कि खरगे को एहसास हो गया है कि कांग्रेस को बिना सोचे-समझे घोषणाएं नहीं करनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में कांग्रेस सरकारों को, लोगों को दी गई गारंटियों को पूरा करने में वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के मंत्रियों को वेतन न लेने के लिए कहा गया और यहां तक ​​कि शौचालय कर भी लगाया गया, जिसे विरोध के बाद वापस ले लिया गया।

(रविशंकर प्रसाद। File Image)

प्रसाद ने कहा कि कर्नाटक में राज्य सरकार महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा के अपने वादे की समीक्षा कर रही है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि झूठे वादे करके मतदाताओं को बेवकूफ बनाना पार्टी का इतिहास रहा है और उन्होंने 1971 के चुनावों के दौरान इंदिरा गांधी द्वारा दिए गए गरीबी हटाओ नारे को याद किया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के विपरीत भाजपा केवल वही वादे करती है, जो राजकोषीय विवेक द्वारा निर्देशित होते हैं।

क्या है शक्ति स्कीम?

बता दें कि शक्ति स्कीम, कर्नाटक सरकार की एक लोकप्रिय स्कीम है, जिसके तहत महिलाओं को राज्य की सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाती है। पिछले साल सत्ता में आने के बाद कांग्रेस सरकार ने यह योजना शुरू की थी। एक रिपोर्ट के अनुसार, 18 अक्टूबर 2024 तक महिलाओं द्वारा 311.07 करोड़ मुफ्त सवारी के लिए शक्ति योजना पर 7,507.35 करोड़ रुपये खर्च किए गए।