Move to Jagran APP

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई बोले- हलाल मीट को लेकर उठाई गई आपत्तियों पर विचार करेगी कर्नाटक सरकार

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई (Karnataka Chief Minister Basavaraj Bommai) ने बुधवार को कहा कि हलाल मीट पर गंभीर आपत्तियां उठाई गई हैं इसलिए राज्य सरकार इन गंभीर आपत्तियों पर विचार करेगी। जानें कर्नाटक के सीएम ने क्‍या बातें कही...

By Krishna Bihari SinghEdited By: Published: Wed, 30 Mar 2022 09:55 PM (IST)Updated: Thu, 31 Mar 2022 12:09 AM (IST)
बसवराज बोम्मई ने बुधवार को कहा कि सरकार हलाल मीट पर उठाई गई गंभीर आपत्तियों पर विचार करेगी।

बेंगलुरू, एएनआइ/पीटीआइ। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने बुधवार को कहा कि हलाल मुद्दा अभी शुरू हुआ है। हलाल मीट पर गंभीर आपत्तियां उठाई गई हैं। हमें इसका अध्ययन करना होगा। सरकार इन आपत्तियों पर विचार करेगी। समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक बोम्मई (Karnataka Chief Minister Basavaraj Bommai) से कुछ दक्षिणपंथी समूहों द्वारा हिंदुओं को 'हलाल-कट' मांस का बहिष्कार करने का आह्वान करने के बारे में सवाल किया गया था।  

समाचार एजेंसी पीटीआइ की रिपोर्ट के मुताबिक कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई (Karnataka Chief Minister, Basavaraj Bommai) ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार हलाल मीट को लेकर उठाई गई 'गंभीर आपत्तियों' पर विचार करेगी। हलाल मीट का मुद्दा अभी-अभी शुरू हुआ है जिस पर संपूर्णता से अध्ययन करना होगा। इसका नियमों से कोई वास्‍ता नहीं है। यह एक प्रथा है जो जारी है। चूंकि इस पर गंभीर आपत्तियां उठी हैं। इसलिए हम इसका अध्‍ययन करेंगे।

उन्‍होंने (Karnataka Chief Minister Basavaraj Bommai) यह भी कहा कि कई दक्षिण पंथी समूहों ने हलाल मांस के बहिष्कार की अपील की है। सरकार इस मसले पर अपना रुख बाद में स्‍पष्‍ट करेगी। मालूम हो कि राज्य के विभिन्न समुदाय उगादी के बाद मांसाहारी भोज का आयोजन करते हैं। इसी मौके पर यह मुद्दा उछला है। मंगलवार को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवि (CT Ravi) ने हलाल मीट को 'आर्थिक जिहाद' तक करार दिया था।

वहीं समाचार एजेंसी आइएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले के बाद भी हिजाब विवाद खत्म नहीं हो रहा है। कर्नाटक के गडक जिले में हिजाब पहनकर छात्राओं को 10वीं बोर्ड की परीक्षा देने की अनुमति देने पर सख्‍त कार्रवाई हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक सात शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित शिक्षकों में दो परीक्षा अधीक्षक भी शामिल हैं। यही नहीं निलंबित शिक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिया गए हैं।


This website uses cookies or similar technologies to enhance your browsing experience and provide personalized recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.