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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 29, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'मोदी से नफरत में अंधी कांग्रेस भारत को पहुंचा रही नुकसान', जयराम ने कफ सिरप पर उठाए सवाल तो मालवीय ने घेरा

By Mahen KhannaEdited By: Mahen Khanna
Published: Thu, 29 Dec 2022 10:00 AM (IST)

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट कर कहा कि भारतीय कफ सिरप के चलते पहले गांबिया में 70 बच्चों की ...और पढ़ें

कांग्रेस नेता जयराम रमेश और मालवीय में वार पटलवार।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश और मालवीय में वार पटलवार।

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। उज्बेकिस्तान में हाल ही में 18 बच्चों की मौत को लेकर कांग्रेस ने भाजपा की केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि मेड इन इंडिया कफ सिरप जानलेवा साबित हो रहा है। रमेश ने ट्वीट करते हुए कहा, 'पहले गांबिया में 70 बच्चों की मौत हुई थी और अब उज्बेकिस्तान में यह हुआ है। मोदी सरकार को भारत के बारे में शेखी मारने से पहले इन लोगों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।' जयराम रमेश के इन हमलों के बाद भाजपा नेता अमित मालवीय ने कांग्रेस को जवाब दिया है।

मालवीय बोले- ये शर्मनाक है 

भाजपा नेता अमित मालवीय ने जयराम के ट्वीट का जवाब देते हुए कहा कि गाम्बिया में बच्चों की मौत का भारत में बनी खांसी की दवाई के सेवन से कोई लेना-देना नहीं है। यह गैम्बियन अधिकारियों और डीसीजीआई दोनों द्वारा स्पष्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि मोदी से नफरत में कांग्रेस इतनी अंधी हो गई है कि वो भारत और उसकी उद्यमशीलता की भावना का उपहास करना जारी रख रही है जो कि शर्मनाक है।

उज्बेकिस्तान का किया यह दावा

बता दें कि गांबिया ने सबसे पहले आरोप लगाया था कि भारतीय कफ सिरप से उसके देश में कथित तौर पर 66 बच्चों की मौत हो गई जिसके बाद अब उज्बेकिस्तान ने भी 18 बच्चों की मौत कफ सिरप से होने की बात कही।  उज्बेकिस्तान का कहना है कि भारतीय दवा निर्माता कंपनी मैरियन बायोटेक लिमिटेड द्वारा निर्मित डाक 1 मैक्स कफ सीरप को पीने से ही बच्चों की मौत हुई। 

भारत सरकार बोली- सैंपल जांच में खरे उतरे

बता दें कि जब गांबिया ने आरोप लगाया था तो भारत सरकार ने भी इसका जवाब दिया। सरकार ने कहा कि गांबिया के आरोपों के बाद हमने उन कफ सिरप की जांच की तो पता चला कि इन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। सभी सैंपल जांच में खरे उतरे हैं।

WHO ने दिया जांच का भरोसा

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस बीच उज्बेकिस्तान को भरोसा दिलाया है कि वह उसकी मदद के लिए जांच में हर संभव सहयोग करेगा।