'अगर स्थगन जारी रहा तो रविवार को भी होगी सदन की कार्यवाही', लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दी सदस्यों को चेतावनी
पिछले छह दिनों से संसद का शीतकालीन सत्र सुचारू रूप से नहीं चल पा रहा है। विपक्षी के विरोध प्रदर्शन की वजह से स्थगन को स्थगित करना पड़ रहा है। विपक्षी दल अदाणी संभल और मणिपुर हिंसा को उठा रहे हैं। मंगलवार को भी कांग्रेस समेत विपक्षी सांसदों ने लोकसभा से वॉकआउट किया। इसके बाद कार्यवाही को 2 बजे तक स्थगित करना पड़ा।
एजेंसी, नई दिल्ली। शीतकालीन सत्र के छठे दिन संसद में हंगामे के बीच मंगलवार को लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को दोपहर दो बजे तक स्थगित करना पड़ा। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के मुद्दे पर भी सदन का माहौल गरमा गया। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के जवाब से असंतुष्ट होकर कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी सांसदों ने लोकसभा से वॉकआउट कर दिया। पिछले एक हफ्ते से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल पा रही है। बार-बार स्थगन पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी नाराजगी जताई है।
तो शनिवार और रविवार को होगी कार्यवाही!
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को सदस्यों को चेतावनी दी कि अगर स्थगन के कारण सदन की कार्यवाही में और व्यवधान आया तो उन्हें समय की हानि की भरपाई करनी होगी। प्रश्नकाल के तुरंत बाद ओम बिरला ने कहा कि शनिवार 14 दिसंबर को सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होगी। अगर आप स्थगन जारी रखते हैं तो जितने दिन सदन स्थगित रहा है, उतने दिन आपको शनिवार और रविवार को भी कार्यवाही में शामिल होना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने आज किसी भी स्थगन नोटिस की अनुमति नहीं दी है।
अडाणी मामले में सांसदों का प्रदर्शन
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, डीएमके सांसद कनिमोझी और आप सांसद संजय सिंह समेत कई नेताओं ने अडाणी मामले पर चर्चा की मांग की और संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। इन नेताओं के हाथ में बैनर थे। सभी ने अडाणी मामले की संयुक्त संसदीय समिति (JPC) से जांच की मांग की। अडाणी मामले, मणिपुर और संभल में हिंसा के मुद्दे पर विपक्षी दलों के विरोध के कारण शीतकालीन सत्र की शुरुआत से ही संसद की कार्यवाही ठप है।
गतिरोध खत्म करने पर बनी सहमति
सोमवार को भी लोकसभा और राज्यसभा पूरे दिन स्थगित रही। संसद का शीतकालीन सत्र 25 नवंबर से शुरू हुआ है। सत्र 20 दिसंबर तक चलेगा। इस बीच सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध खत्म करने पर सहमति बनी है। यह सहमति संविधान पर चर्चा पर बनी है। लोकसभा में 13 और 14 दिसंबर को संविधान पर चर्चा होगी। राज्यसभा में 16 और 17 दिसंबर को चर्चा होगी।
मणिपुर हिंसा पर गौरव गोगोई ने पेश किया स्थगन प्रस्ताव
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने मणिपुर की स्थिति पर चर्चा के लिए मंगलवार को लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव पेश किया। गोगोई ने नोटिस में कहा कि मैं मणिपुर की गंभीर और बिगड़ती स्थिति पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव पेश करता हूं। 18 महीने से अधिक समय से चल रहा यह संघर्ष व्यापक हिंसा, विस्थापन और आर्थिक तबाही के साथ मानवीय संकट में बदल गया है।"
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।