विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Haryana Election Result: हरियाणा फतह, BJP की अब महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली पर निगाहें; 6 राज्यों में भी उपचुनाव

Published: Wed, 09 Oct 2024 04:12 PM (IST)

Haryana Election Result हरियाणा में भाजपा ने मानो लट्ठ गाड़ दिया है। लगातार तीसरी बार सत्ता पाने वाली भाजपा पहली ...और पढ़ें

Haryana Election Result अब भाजपा का तीन राज्यों पर ध्यान।
Haryana Election Result अब भाजपा का तीन राज्यों पर ध्यान।

HighLights

  1. हरियाणा में बंपर जीत का भाजपा को अगले तीन राज्यों में मिल सकता फायदा।
  2. चार महीनों में 3 राज्यों और 28 सीटों पर होंगे उपचुनाव।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। Haryana Election Result हरियाणा में बंपर जीत और जम्मू-कश्मीर में ज्यादा वोट शेयर पाकर भाजपा गदगद है। हरियाणा में जहां भाजपा की 48 सीटों के साथ बहुमत की सरकार बन रही है, वहीं जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस का गठबंधन 15 साल बाद सरकार बनाएगा। 

हरियाणा में भाजपा ने गाड़ा लट्ठ

दूसरी ओर हरियाणा में भाजपा ने मानो लट्ठ गाड़ दिया है। लगातार तीसरी बार राज्य की सत्ता पर काबिज होने वाली भाजपा पहली पार्टी बन गई है। हरियाणा के गठन के बाद से कोई भी पार्टी कभी तीसरी बार लगातार सत्ता में नहीं आई थी। 

लोकसभा चुनाव में बहुमत से दूर रहने के बाद कहा जा रहा था कि भाजपा का ग्राफ अब गिरना शुरू हो गया है। हालांकि, हरियाणा की इस बंपर जीत ने पार्टी का मनोबल बढ़ाने का काम किया है। इसका असर अब आने वाले 3 राज्यों के चुनाव में भी देखने को मिल सकता है। 

अब तीन राज्यों की चुनौती

एक ओर जहां हरियाणा में हार के बाद कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का मनोबल डाउन होगा वहीं दूसरी ओर अब भाजपा कार्यकर्ता डबल मेहनत से चुनावी मैदान में उतरेंगे। आने वाले 4 महीनों में 3 राज्यों के विधानसभा चुनाव होने है, जिनमें महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली की जनता को अपना नया मुखिया चुनना होगा। 

दशहरे बाद हो सकता चुनाव का एलान

चुनाव आयोग दशहरे के बाद महाराष्ट्र और झारखंड में चुनाव तारीखों का एलान कर सकता है। महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल इसी साल 26 नवंबर और झारखंड का कार्यकाल 5 जनवरी 2025 को खत्म होने जा रहा है। वहीं, 6 राज्यों की 28 सीटों पर उपचुनाव की तारीखों का भी ऐलान इसी के साथ किया जा सकता है।

महाराष्ट्र में ये है भाजपा के लिए चुनौती

  • महाराष्ट्र में इस वक्त एनडीए की सरकार है। इसमें भाजपा, शिवसेना शिंदे गुट और एनसीपी (अजित पवार गुट) शामिल है। भाजपा को एंटी इन्कंबेंसी और मराठा आरक्षण के मुद्दे को पार पाना होगा।
  • दूसरी ओर लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की 48 सीटों में से 30 सीटों पर INDIA गठबंधन ने कब्जा किया था, वहीं NDA को केवल 17 सीटें मिलीं थी। अगर उसी प्रतिशत के तहत एमवीए (महाविकास अघाड़ी) विधानसभा में सीटें कंवर्ट करने में सफलता पाती है तो वो कुल 288 सीटों में से 160 सीटें जीत सकती है। 
  • एक और चुनौती शिवसेना और NCP में तोड़फोड़ के बाद उद्धव और शरद पवार के साथ लोगों की सहानुभूति की हो सकती है।  

हेमंत सोरेन को भ्रष्टाचार पर घेरेगी भाजपा

  • झारखंड में भाजपा सबसे बड़ा मुद्दा भ्रष्टाचार को बना सकती है। हेमंत सोरेन को हुई जेल के बाद भाजपा उन्हें और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) को घेरने का काम करेगी। दूसरी ओर जेएमएम महागठबंधन के तहत यहां चुनाव लड़ेगी। कांग्रेस, राजद और लेफ्ट यहां साथ में होंगे।
  • भाजपा को अगर चुनाव जीतना है तो यहां संथाल परगना और कोल्हान की 32 सीटों पर बाजी मारनी होगी। यहां जेएमएम से भाजपा में आए चंपई सोरोन से फायदा मिल सकता है। दरअसल, चंपई की कोल्हान में अच्छी पकड़ है, उन्हें यहां कोल्हान टाइगर भी कहा जाता है।

6 राज्यों में होंगे उपचुनाव 

विधानसभा चुनावों के साथ उपचुनावों की भी घोषणा की जा सकती है। इसमें यूपी की 10, राजस्थान की 6, पंजाब की 5, मध्य प्रदेश की 2, बिहार की 4  और छत्तीसगढ़ की एक सीट पर शामिल है। पंजाब छोड़कर हर जगह भाजपा सत्ता में है। 

दिल्ली में केजरीवाल की चुनौती

अगले साल दिल्ली में होने वाले चुनाव में भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती अरविंद केजरीवाल ही होंगे। हालांकि, कथित शराब घोटाले में घिरने के बाद आम आदमी पार्टी बैकफुट पर है, लेकिन भाजपा के लिए केजरीवाल से पार पाना उतना आसान भी नहीं होने वाला है।

दिल्ली में विधानसभा कार्यकाल 23 फरवरी 2025 को खत्म होगा। दिल्ली के सीएम, डिप्टी सीएम और कई मंत्रियों को बीते महीनों भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जेल जाना पड़ा था। भाजपा इसे भी मुद्दा बनाने की कोशिश करेगी। हालांकि, फ्री बिजली और पानी का तौड़ भाजपा कैसे निकाल पाती है, ये देखना अभी बाकी है।