नई दिल्ली, एएनआइ। चुनाव आयोग ने सोमवार को बड़ी घोषणा की, जिसने बताया गया कि राज्यसभा की 13 सीटों के लिए चुनाव 31 मार्च को होंगे। बता दें कि यह 13 सीटें 6 राज्यों से हैं, जिसमें पंजाब में पांच , केरल में तीन, असम में दो और हिमाचल प्रदेश, त्रिपुरा और नागालैंड में एक-एक सीटें शामिल हैं।

चुनाव आयोग का बयान

7 मार्च 2022, सोमवार के दिन चुनाव आयोग ने एक बयान देते हुए बड़ी घोषणा की, जिसमें कहा, 'छह राज्यों से चुने गए राज्यसभा के 13 सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल 2022 में उनकी सेवानिवृत्ति पर समाप्त होने वाला है।'

चुनाव आयोग द्वारा जारी की गई लिस्ट में, रिटायर होने वाले सदस्यों में असम से रानी नारा और रिपुन बोरा, हिमाचल प्रदेश से आनंद शर्मा, केरल से एके एंटनी, एमवी श्रेयम्स कुमार और सोमप्रसाद के, नागालैंड से केजी केने, त्रिपुरा से झरना दास (बैद्य), पंजाब से सुखदेव सिंह, प्रताप सिंह बाजवा, श्वेत मलिक, नरेश गुजराल और शमशेर सिंह दुल्लो शामिल हैं।

• मतदान की तारीख:- 31 मार्च, 2022

• मतदान का समय:- सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक

• अधिसूचना जारी करने की तारीख: 14 मार्च, 2022

• नामांकन करने की अंतिम तारीख: 21 मार्च, 2022

• वोटों की गिनती: 31 मार्च, 2022 शाम 5 बजे 

राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव में कांग्रेस की सीटें घटना तय

राज्यसभा की 13 सीटों के लिए इस महीने होने जा रहे द्विवार्षिक चुनाव कांग्रेस के लिए बेहद कठिन नजर आ रहे हैं। राज्यों में पार्टी की कमजोर हुई स्थिति के चलते उच्च सदन में कांग्रेस की सीटों का आंकड़ा और  घटना तय है और मौजूदा परिस्थितियों में पार्टी के लिए राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता आनंद शर्मा को भी सदन में दुबारा भेजना मुश्किल है। पूर्व रक्षामंत्री एके एंटनी को जरूर केरल से दुबारा वापस लाने की पार्टी के पास गुंजाइश है। एक्जिट पोल अनुमान सही रहे तो राज्यसभा के इस चुनाव में कांग्रेस को सबसे बड़ा धक्का पंजाब से लगेगा जहां की पांच सीटों में से एक सीट हासिल करना भी कठिन हो जाएगा।

पंजाब में तीनों सीटों के चुनाव एक साथ और दो सीटों के एक साथ होंगे। तीन सीटों के चुनाव में एक्जिट पोल के अनुमानों के हिसाब से शायद कांग्रेस को एक सीट मिल जाए। मगर दो सीटों के अलग चुनाव में उसके खाते में कोई सीट नहीं आएगी। जबकि इन पांच सीटों में कांग्रेस के पास इस समय दो सीटें प्रताप ' बाजवा और शमशेर'  डूल्लो की हैं और दोनों रिटायर हो रहे हैं। हिमाचल प्रदेश की एक सीट जो आनंद शर्मा के रिटायर होने से खाली हो रही है, इस बार कांग्रेस के हाथ से निकल कर सत्ताधारी भाजपा के पास चली जाएगी। ऐसे में कांग्रेस के असंतुष्ट समूह के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे शर्मा के लिए वापसी की गुंजाइश फिलहाल नजर नहीं आ रही है।

इसी तरह त्रिपुरा की एक सीट भाजपा को तो नगालैंड की एक सीट वहां की सत्ताधारी क्षेत्रीय पार्टी एनपीपी को मिलनी तय है। असम की जिन दो सीटों पर चुनाव हो रहे हैं वह अभी कांग्रेस के खाते में थी और पार्टी के दोनों सांसद रानी नराह तथा रिपुन बोरा रिटायर हो रहे हैं। राज्य विधानसभा की मौजूदा स्थिति में कांग्रेस अपने बूते इन दोनों में से एक सीट भी हासिल नहीं कर सकती। लेकिन बदरू²ीन अजमल की पार्टी एआइयूडीएफ से राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस ने सहयोग लिया तो एक सीट मिलने की गुंजाइश बन सकती है। राज्यसभा की जिन 13 सीटों पर चुनाव होंगे उनमें से छह अभी कांग्रेस के पास हैं। लेकिन फिलहाल केरल की एक सीट ही कांग्रेस के लिए पक्की है। असम में राजनीतिक जोड़-तोड़ हुआ तो एक और पंजाब से एक सीट मिल सकती है यानि पार्टी अपनी मौजूदा छह में से तीन राज्यसभा सीटें ही जीत सकती है।

Edited By: Ashisha Rajput