मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

नीलू रंजन, नई दिल्ली। आइएनएक्स मीडिया मामले में भले ही सीबीआइ अभी पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम से हिरासत में पूछताछ कर रही हो, लेकिन प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस मामले में पैसे के लेन-देन और उससे बनाई गई संपत्तियों का पता लगाकर उन्हें जब्त भी कर चुका है।

चल-अचल संपत्तियां हुई जब्त
ईडी ने इस मामले में पिछले साल अक्टूबर में ही कार्ति चिदंबरम और उनसे संबंधित कंपनियों के नाम पर देश-विदेश में फैली 54 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को जब्त कर लिया था। यही नहीं, पीएमएलए एडजुकेटिंग अथारिटी इन संपत्तियों के मनी लांड्रिंग की धन से बनाए जाने को सही मानते हुए उनकी जब्ती को सही ठहरा चुका है।

चिदंबरम से मुलाकात के बाद मामला रफा-दफा हुआ 
दरअसल, आइएनएक्स मामले में अपराध से बनाई संपत्तियों को जब्त करने के ईडी के 10 अक्टूबर 2018 के आदेश में विस्तार से बताया गया है कि किस तरह से केवल 4.6 करोड़ के विदेश निवेश की अनुमति मिलने के बाद भी पीटर मुखर्जी और इंद्राणी मुखर्जी कंपनी में 305 करोड़ रुपये का विदेश निवेश ले आए। उस समय सीबीडीटी ने इस पर आपत्ति जताई और एफआइपीबी ने भी आइएनएक्स मीडिया से सफाई मांगी। लेकिन चिदंबरम से मुलाकात के बाद कैसे पूरे मामले को रफा-दफा कर दिया।

इसके बाद कार्ति चिदंबरम और उससे जुड़ी कंपनियों में करोड़ों रूपये आए, जिसका वे कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए। ईडी ने इन संपत्तियों को अपराध की कमाई से बनाई हुई मानते हुए मनी लांड्रिंग रोकथाम कानून के तहत उन्हें जब्त कर लिया।

ईडी काली कमाई का ब्‍योरा दिया 
ईडी ने काली कमाई से बनी जब्त संपत्तियों का विस्तृत ब्यौरा भी दिया है और खरीदे जाने का आधिकारिक मूल्य भी बताया गया है। ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इन संपत्तियों का बाजार मूल्य कई गुना ज्यादा हो सकती है। उदाहरण के तौर पर जब्त संपत्तियों में दिल्ली के जोरबाग स्थित बंगला भी है, जहां से पी चिदंबरम को गिरफ्तार किया गया था।

कार्ति चिदंबरम और नलिनी चिदंबरम (पी चिदंबरम की पत्नी) के संयुक्त नाम पर है। 2014 में खरीदे गए बंगले को खुद कार्ति चिदंबरम के इनकम टैक्स रिटर्न के अनुसार 16 करोड़ रुपये खरीदा गया था। लेकिन असल में बंगले का बाजार मूल्य इससे कहीं ज्यादा है।

तमिलनाडु कीे दो बंगले जब्‍त 
इसके अलावा तमिलनाडु के उटी स्थित दो बंगले को जब्त किया गया है, जिन्हें 3.75 करोड़ और 50 लाख में 2012 और 2013 में एडवांटेज स्ट्रैटिजिक कंसलटेंसी के नाम पर खरीदा गया था। इसके पहले 2011 में मदुरई में खेती की जमीन भी एडवांटेज स्ट्रैटिजिक कंसलटेंसी के नाम पर खरीदी गई। रजिस्ट्री के मूल्य के हिसाब से ही देखें तो 2011 से 2014 के बीच 20.55 करोड़ की अचल संपत्ति भारत में खरीदी गई।

विदेश की संपत्तियों को भी किया गया जब्त 
ईडी ने चिदंबरम से जुड़ी विदेश स्थित संपत्तियों को भी जब्त किया है। इनमें सिंगापुर में पंजीकृत एडवांटेज स्ट्रैटिजिक कंसलटेंसी के नाम पर सिंगापुर में ही खरीदा गया एक फार्म हाऊस है, जिसे 10 लाख 70 हजार डॉलर में खरीदा गया था। इस फार्म हाउस को खरीदने के लिए पैसे भारतीय कंपनी एडवांटेज स्ट्रैटिजिक कंसलटेंसी से भेजे गए थे।

टेनिस क्लब और जमीन जब्त
इसके साथ ही स्पेन के बारसिलोना में एक टेनिस क्लब व जमीन को जब्त किया गया है। इसे वहीं पंजीकृत कंपनी एडवांटेज स्ट्रैटिजिया इस्पोर्ट के नाम से 20 लाख 93 हजार यूरो में खरीदा गया था। इसके लिए भी पैसे भारत से एडवांटेज स्ट्रैटिजिक कंसलटेंसी के खाते से गया था। ईडी के अनुसार इन दोनों संपत्तियों की कीमत 23 करोड़ 25 लाख रूपये से अधिक है।

इसके अलावा ईडी ने कार्ति चिदंबरम और एडवाटेंज स्ट्रैटिजिक कंसलटेंसी के 18 खातों में जमा 10 करोड़ रुपये से अधिक की चल संपत्ति को जब्त कर लिया है। ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पीएमएलए एडजुकेटिंग अथोरिटी ने इन संपत्तियों को जब्त करने को सही ठहराकर साफ कर दिया है कि ये काली कमाई से बनाई गई हैं।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप