जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। देश की सैन्य ताकत में इजाफा करने के लिए रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को दो बड़े फैसले लिए है। रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नौसेना के लिए छह सबमरीन प्रोजेक्ट पर काम करने की अनुमति दे दी है। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई रक्षा परिषद की बैठक में स्वदेश निर्मित 6 सबमरीन के निर्माण के लिए 40,000 हजार करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी मिल गई है।

रक्षा मंत्रालय की महत्वाकांक्षी रणनीतिक साझेदारी मॉडल के तहत यह दूसरी परियोजना है, जो भारत सरकार के मेक इन इंडिया कार्यक्रम को मजबूत करेगा। इससे पहले अगस्त 2018 में स्वदेश निर्मित 111 हेलिकॉप्टर के निर्माण को मंजूरी दी गई थी। इन स्वदेश निर्मित सबमरीन के शामिल होने से भारत की समुद्री ताकत में इजाफा होगा।

वहीं सेना के लिए भी बड़ा कदम उठाते हुए रक्षा खरीद परिषद (डीएसी) ने सेना के लिए 5000 मिलान 2टी एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल के खरीद को भी मंजूरी दे दी है। भारत ने इजरायल से स्पाइक एंटी टैक मिसाइलें खरीदने की योजना को रद्द कर दिया था, क्योकि इन्हें भारत में ही विकसित किया जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना रणनीतिक साझेदारी मॉडल के तहत पूरी की जाएगी, जो विदेशी रक्षा निर्माताओं के साथ मिलकर भारत में चुनिंदा सैन्य प्लेटफॉर्म बनाने के लिए निजी फर्म को जिम्मेदारी देने की व्यवस्था करता है।

 

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