Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    'वैश्विक मुद्दे पर स्पष्ट दृष्टिकोण भारत की कूटनीति ' ईरान पर अमेरिकी बमबारी की निंदा नहीं करने पर कांग्रेस ने पीएम मोदी पर उठाए सवाल

    कांग्रेस ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हवाई बमबारी और ईरान-इजरायल युद्ध पर मोदी सरकार की तटस्थ कूटनीति की कड़ी आलोचना की है। कांग्रेस के संचार महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि भारत को इस वैश्विक मुद्दे पर अधिक नैतिक साहस दिखाते हुए अमेरिकी व इजरायली हमलों की निंदा करनी चाहिए।

    By Narender Sanwariya Edited By: Narender Sanwariya Updated: Mon, 23 Jun 2025 06:40 PM (IST)
    Hero Image

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कांग्रेस ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हवाई बमबारी के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेहरान से बातचीत करने के प्रस्ताव को मजाक बताते हुए इस मुद्दे पर भारत सरकार की अब तक की तटस्थ कूटनीति पर सवाल उठाए हैं।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    ईरान पर अमेरिकी हमले की आलोचना-निंदा नहीं करने के लिए मोदी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए पार्टी ने कहा वैश्विक मुद्दे पर स्पष्ट दृष्टिकोण भारत की कूटनीति की पहचान रही है। ऐसे में सरकार को इस मसले पर अब तक की तुलना में अधिक नैतिक साहस दिखाना चाहिए।

    ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमले के बाद रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्यिकयान से फोन पर हुई बातचीत के संदर्भ में कांग्रेस ने यह राय जाहिर की।

    कांग्रेस के संचार महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप का ईरान पर अमेरिकी वायुशक्ति के प्रयोग का निर्णय ईरान के साथ वार्ता जारी रखने के उनके अपने बयान को हास्यास्पद बनाता है। अमेरिकी बमबारी को गलत बताते हुए कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ईरान के साथ तत्काल कूटनीति और वार्ता की पूर्ण अनिवार्यता को दोहराती है।

    इस मुद्दे पर भारत सरकार को अपेक्षाकृत अधिक नैतिक साहस का प्रदर्शन करना चाहिए। जयराम ने कहा कि मोदी सरकार ने अब तक न तो अमेरिकी बमबारी और न ही ईरान पर इजरायली आक्रमणों, हवाई हमलों तथा लक्षित हत्याओं की स्पष्ट रूप से आलोचना या ¨नदा की है।

    गाजा में फिलिस्तीनियों के नरसंहार पर भी सरकार ने गहरी चुप्पी साध रखी है। मालूम हो कि पीएम मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से रविवार को हुई बातचीत के दौरान ईरान-इजरायल युद्ध पर भारत की गहरी चिंता प्रकट करते हुए बातचीत और कूटनीति के माध्यम से तनाव तत्काल कम करने की अपील की थी।

    जयराम रमेश ने बातचीत के क्रम में कहा कि पीएम का ईरानी नेतृत्व से बात करना सही है मगर भारत जैसे बड़े देश के लिए अहम कूटनीतिक मसलों पर अपना ²ष्टिकोण दुनिया के सामने रखना भी बेहद जरूरी है।खासकर यह देखते हुए कि ईरान पिछले कई दशकों से भारत का विश्वस्त मित्र देश रहा है।

    ईरान पर पहले इजरायली हमले को लेकर कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पिछले सप्ताहांत ही वैश्विक कूटनीति में भारत के नैतिक मूल्यों की आवाज कमजोर पड़ जाने का मुद्दा उठाते हुए इस मामले में मोदी सरकार की चुप्पी को लेकर सवाल उठाए थे। साथ ही कहा था कि गाजा और ईरान में इजरायल द्वारा मचाई गई तबाही पर भारत की चुप्पी न केवल उसकी वैश्विक आवाज का नुकसान है बल्कि मूल्यों का भी समर्पण है।