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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 13, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत जोड़ो यात्रा के बाद कांग्रेस का महाअभियान, छह लाख गांवों के हर घर तक पहुंचाएगी राहुल गांधी के पत्र

By Sanjay MishraEdited By: Sonu Gupta
Published: Fri, 13 Jan 2023 10:11 PM (IST)

राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के बाद सियासी विमर्श की एकतरफा बयार के धीमा पड़ने को लेकर आश्वस्त कांग्रेस ...और पढ़ें

भारत जोड़ो यात्रा के बाद राहुल गांधी का नेतृत्व स्थापित करने के लिए कांग्रेस का महाअभियान। फोटो- पीटीआई।
भारत जोड़ो यात्रा के बाद राहुल गांधी का नेतृत्व स्थापित करने के लिए कांग्रेस का महाअभियान। फोटो- पीटीआई।

संजय मिश्र, नई दिल्ली। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के बाद सियासी विमर्श की एकतरफा बयार के धीमा पड़ने को लेकर आश्वस्त कांग्रेस ने जनता के बीच सीधे जाने के अब तक के अपने सबसे बड़े 'हाथ से हाथ जोड़ो' अभियान के जरिए इस यात्रा की संभावनाओं का राजनीतिक पैकेजिंग करने का फैसला किया है। इसके तहत पार्टी देश वासियों को लिखे राहुल गांधी के पत्र को देश के हर घर तक पहुंचाएगी जिसमें उन्होंने यात्रा के अपने अनुभवों के साथ भविष्य के राजनीतिक इरादों का संकेत दिया है। 2024 के चुनाव के लिए इस अभियान को सियासी लांच पैड बनाते हुए कांग्रेस पत्र के साथ 26 जनवरी से 26 मार्च तक देश के सभी छह लाख गांवो, ढाई लाख पंचायतों और 10 लाख पोलिंग बूथों तक मोदी सरकार के खिलाफ तैयार अपनी चार्जशीट भी पहुंचाएगी।

कांग्रेस हर घर- गांव, बूथ और पंचायत तक पहुंचाएगी राहुल के पत्र

कांग्रेस के संचार महासचिव जयराम रमेश ने हर घर-गांव, बूथ और पंचायत तक राहुल के पत्र के साथ मोदी सरकार के खिलाफ पार्टी की चार्जशीट पहुंचाने के महा अभियान की घोषणा करते हुए बेबाकी से स्वीकार भी किया कि यात्रा की अगली कड़ी यह अभियान चुनावी पैकेजिंग स्वरुप में होगा। 2023 में राज्यों के चुनाव के साथ 2024 लोकसभा चुनाव के लिए तैयारियों की शुरूआत होगी और इसलिए हाथ से हाथ जोड़ो के लोगो में कांग्रेस का चुनाव चिन्ह होगा जो भारत जोड़ो यात्रा में नहीं था।

हर घर तक पहुंचाया जाएगा चुनावी राजनीति का संदेश

कांग्रेस की यह पहल साफ तौर पर यात्रा से राहुल गांधी को लेकर उभरी संभावना का फायदा उठाते हुए उन्हें विपक्ष के वैकल्पिक नेतृत्व के चेहरे के रूप में स्थापित करने का रणनीतिक दांव नजर आ रहा है। जयराम ने इसका संकेत देते हुए कहा कि यात्रा की शुरूआत में इसके अराजनीतिक होने को लेकर सवाल उठाए गए थे लेकिन हाथ से हाथ जोड़ो के जरिए चुनावी राजनीति का संदेश हर घर तक पहुंचाया जाएगा।

राहुल गांधी ने केंद्र पर किया प्रहार

राहुल गांधी ने एक पेज के पत्र में भारत जोड़ो को अपने जीवन की सबसे महत्वपूर्ण यात्रा बताते हुए आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक मोर्चे पर देश की चुनौतियों का जिक्र करते हुए मोदी सरकार पर प्रहार किया है। यात्रा के अपने अनुभवों के आधार पर बेरोजगारी, आसमान छूती महंगाई, कर्ज से दबे किसानों की हालत के बीच देश की संपत्तियों के चंद उद्योगपतियों के हाथ जाने की वजह से बेहतर भविष्य का लोगों का सपना टूटने की बात कही है। देश में चौतरफा निराशा का माहौल होने के साथ जातीय और धार्मिक ध्रुवीकरण के जरिए डर और असुरक्षा का वातावरण फैलाए जाने का जिक्र किया है। साथ ही कहा है कि नफरत की राजनीति की अपनी सीमाएं हैं और यह ज्यादा दिन तक नहीं चल सकती।

सड़क से लेकर संसद तक बुराईयों के खिलाफ लड़ने को संकल्पित

भाजपा-संघ की विचाराधारा के खिलाफ लड़ने के लिए यह यात्रा विराम नहीं शुरूआत है, इसका संदेश देते हुए राहुल ने कहा है कि सड़क से लेकर संसद तक इन बुराईयों के खिलाफ लड़ने और सामाजिक-आर्थिक खुशहाली का भारत बनाने के लिए वे दृढ़ संकल्पित हैं। जहां किसानों को फसल का सही दाम, युवाओं को रोजगार, एमएसमएई को प्रोत्साहन मिले, पेट्रोल-डीजल सस्ता हो, रूपया डॉलर के सामने मजबूत रहे और गैस सिलेंडर की कीमत 500 रुपए से ज्यादा न हो। पत्र से साफ है कि सामाजिक न्याय और मध्यम वर्ग के बीच संतुलन राहुल गांधी के राजनीतिक संघर्ष की राह का आधार बनेगी।

कांग्रेस बनाना चाहती है स्वर्णिम भारत

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने इसका संकेत देते हुए कहा है कि यात्रा उनके लिए तपस्या रही है जिसने सिखाया है कि मेरे व्यक्तिगत व राजनीतिक जीवन का एक ही लक्ष्य हक की लड़ाई में कमजोरों की ढाल बनना और जिनकी आवाज दबाई जा रही उनकी आवाज बनना। पत्र के समापन में राहुल ने इस अभियान के लिए लोगों का साथ मांगते हुए कहा है कि कांग्रेस ऐसा स्वर्णिम भारत बनाना चाहती है जिसमें हर भारतीय के पास सपने देखने और उन्हें पूरा करने के समान अवसर हों। संगठनात्मक कमजोरियों के चलते अभियान की सफलता पर संदेह के बारे में पूछे जाने पर जयराम ने कहा कि यह सही है कि कई राज्यों में कांग्रेस का संगठन इतना मजबूत नहीं है और यह मुश्किल काम है मगर किसी भी हालत में हम यह करके ही रहेंगे।

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