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Bihar Politics: 'जमीन तो ले लेंगे, लेकिन नौकरी नहीं देंगे', तेजस्वी यादव पर भाजपा ने साधा निशाना

Published: Mon, 13 Oct 2025 06:31 PM (IST)Updated: Mon, 13 Oct 2025 06:33 PM (IST)

बिहार विधानसभा चुनाव में भ्रष्टाचार का मुद्दा छाया हुआ है। आईआरसीटीसी होटल लीज मामले में लालू परिवार पर आरोप तय ...और पढ़ें

भाजपा ने लालू परिवार को निशाने पर ले लिया है (फाइल फोटो)

भाजपा ने लालू परिवार को निशाने पर ले लिया है (फाइल फोटो)

HighLights

  1. भाजपा का तेजस्वी पर 'जमीन दो, नौकरी लो' का कटाक्ष

  2. लालू परिवार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

  3. संपत्ति और आईआरसीटीसी घोटाले पर सवाल

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव के विमर्श में जगह बना रहे भ्रष्टाचार के मुद्दे पर महागठबंधन के विरुद्ध बाजी सजाने का मौका भाजपा को मिल गया है। आईआरसीटीसी के होटलों को लीज पर देने के मामले में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव पर आरोप तय होते ही भाजपा ने लालू परिवार को निशाने पर ले लिया है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता व सांसद रविशंकर प्रसाद ने सत्ता में आने पर युवाओं को नौकरी देने के तेजस्वी यादव के वादे पर कटाक्ष किया कि बिहार की जनता झांसे में न आए, तेजस्वी यादव जमीन तो ले लेंगे, लेकिन नौकरी नहीं देंगे। यह इनका टेस्टेड मॉडल है।

अदालत ने तय किए आरोप

पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आज अदालत ने लालू प्रसाद, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और उनके पुत्र तेजस्वी यादव के खिलाफ आरोप तय किए हैं। ये आरोप बहुत गंभीर हैं, जिनमें सरकारी संपत्ति के आवंटन में भ्रष्टाचार, षड्यंत्र रचना और बेईमानी से सरकार की निर्णय प्रक्रिया में गड़बड़ी करने जैसे अपराध शामिल हैं। इन मामलों में आईपीसी की धारा 120-बी और 420 दोनों शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव बिहार बदलने निकले हैं, जबकि उन्हीं के खिलाफ 420 का आरोप अदालत ने तय किया है। सवाल यह है कि जब किसी की ऐसी छवि और ऐसे आरोप हों, तो वह बिहार को कैसे बदल सकता है?

'जमीन ले लेंगे, लेकिन नौकरी नहीं देंगे'

अपने प्रहार को धार देते हुए प्रसाद ने कहा कि अगर लालू प्रसाद के पूरे शासनकाल को तीन वाक्यों में कहा जाए तो वह होंगे- चारा खाना, अलकतरा पीना और सरकारी संपत्ति तथा टेंडर में हेराफेरी कर जमीन हड़पना। इसमें एक चौथा मॉडल भी जोड़ना चाहिए, 'जमीन दो, नौकरी लो।' यह चारों मॉडल लालू राज की पहचान रहे हैं। इस मॉडल की सबसे खास बात यह रही कि इसका सारा लाभ सिर्फ परिवार तक सीमित रहा, बाहर किसी को नहीं मिला।

उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन दो, नौकरी लो योजना का सबसे बड़ा शिकार गरीब लोग हुए हैं। यह जमीन मजदूरों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से ली गई। नौकरी देने से पहले उनसे जमीन छीनी गई। यही कांग्रेस और राजद का तथाकथित सामाजिक न्याय है। मुकदमे की चार्जशीट में दर्ज तथ्यों को दोहराने के साथ ही सांसद रविशंकर प्रसाद ने तेजस्वी यादव का वर्ष 2020 के चुनाव का हलफनामा भी दिखाया।

सवाल उठाया कि 17 साल की उम्र में तेजस्वी के पास 11 संपत्ति कैसे हो गईं? राबड़ी देवी के नाम पद दर्ज संपत्तियों का ब्योरा साझा करते हुए प्रश्न किया कि राबड़ी देवी ऐसा क्या कार्य करती हैं? और आय का स्रोत क्या है? आईआरसीटीसी होटल घोटाला मामले में दाखिल चार्जशीट की बात करते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि लालू परिवार के भ्रष्ट आचरण की पोल एक बार फिर खुल गई है। यह विषय बिहार में बड़ा मुद्दा है और जनता इस पर जरूर विचार करेगी।