नई दिल्ली (जेएनएन)। त्रिपुरा में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद अब स्पष्ट हो गया है कि राज्य का मुखिया कौन होगा। तमाम अटकलों को विराम लगाते हुए यह साफ हो गया है कि त्रिपुरा के नए मुख्यमंत्री बिप्लब देब होंगे, जिन्होंने वामदल के लाल किले को गिराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। त्रिपुरा में भाजपा की जीत का उन्हें किंगमेकर कहा जा रहा है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने यह घोषणा की है कि बिप्लब देब त्रिपुरा के मुख्यमंत्री होंगे।

वहीं, त्रिपुरा के डिप्टी सीएम जिष्णु देब बर्मन होंगे। 

जिष्णु देब बर्मन ने कहा, 'मैं बहुत उत्साहित हूं। मैं और बिप्लब दी सभी विधायकों के साथ मिलकर त्रिपुरा के विकास के लिए काम करेंगे और इसे नंबर.1 राज्य बनाएंगे। शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण एवं जनजातीय विकास ऐसे सबसे बड़े मुद्दे हैं जिनपर सबसे ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है।'

माना जा रहा है कि भाजपा ने सूबे में आदिवासी समुदाय को संतुष्ट करने के लिए जिष्णु को डिप्टी सीएम बनाने का फैसला लिया है। गौरतलब है कि राज्य की 60 में से जनजाति समुदाय के लिए आरक्षित 20 सीटों में भाजपा गठबंधन को 18 पर जीत हाथ लगी है। ऐसे में भाजपा ने जनजाति समुदाय को मजबूती के साथ अपने साथ जोड़े रखने के लिए यह फैसला लिया है।

वहीं, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बिप्लब कुमार देब और जिष्णु बर्मन को ट्वीट कर बधाई दी है। 

जानिए कौन है बिप्लब देव?

- 48 वर्षीय बिप्लब कुमार देव त्रिपुरा भाजपा अध्यक्ष हैं, उन्होंने पहली बार 2018 में चुनाव लड़ा है

- बिप्लब का जन्म 25 नवंबर, 1969 को त्रिपुरा के गोमती जिले के राजधर नगर गांव में हुआ

- बिप्लब देब ने त्रिपुरा के उदयपुर कॉलेज से 1999 में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की

- इसके बाद वे आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली चले गए

- शुरुआत से ही बिप्लब का नाता जनसंघ से रहा है, उनके पिता हराधन देब जनसंघ के स्थानीय नेता थे

- दिल्ली में पढ़ाई के दौरान वे राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ से जुड़े और करीब 16 साल तक वे संघ के कार्यकर्ता बने रहे

- उन्होंने संघ के दिग्गज नेताओं गोविंद आचार्य और कृष्णगोपाल शर्मा के संरक्षण में काम किया

- बिप्लब देब की पत्नी नीति स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में अधिकारी हैं, उनके दो दो बच्चे एक बेटा और एक बेटी है

- साफ-सुथरी छवि वाले बिप्लब को पीएम मोदी के कहने पर त्रिपुरा भेजा

- उन्हें त्रिपुरा में भाजपा की ऐतिहासिक जीत का किंगमेकर कहा जा रहा है


गौरतलब है कि बिप्लब देव की कड़ी मेहनत की वजह से त्रिपुरा में 25 साल पुराना वामदल का 'लाल किला' जमीदोज हो गया। पिछले चुनाव में जहां भाजपा केवल डेढ़ फीसद शेयर वाली पार्टी थी, उसने इस चुनाव में लगभग तीन चौथाई बहुमत हासिल कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। त्रिपुरा में भाजपा और इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आइपीएफटी) गठबंधन को 59 सीटों में से 43 सीटों पर जीत मिली है। भाजपा की झोली में 35 सीटें आईं, जबकि आईपीएफटी 8 सीटों पर कब्जा जमाने में कामयाब रही।

Posted By: Nancy Bajpai