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    Azadi ka Amrit Mahotsav: फ्री एंट्री होने के बाद से एएसआइ स्मारकों में उमड़ी छात्रों की भीड़, केंद्रीय मंत्री बोले- अभी और बढ़ेगी संख्या

    By Achyut KumarEdited By:
    Updated: Mon, 08 Aug 2022 01:44 PM (IST)

    Azadi ka Amrit Mahotsav एएसआइ की ओर से स्मारकों में फ्री एंट्री की घोषणा के बाद छात्रों की संख्या में इजाफा हुआ है। छात्र बड़ी संख्या में स्मारकों में पहुंच रहे हैं। वे अपने माता-पिता को भी साथ ले जा रहे हैं। सरकार इस संख्या को और बढ़ाना चाहती है।

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    Azadi ka Amrit Mahotsav: केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी (फाइल फोटो)

    नई दिल्ली, एजेंसी। Azadi Ka Amrit Mahotsav: केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि भारत सरकार द्वारा 'आजादी का अमृत महोत्सव' के तहत एएसआई स्थलों पर प्रवेश मुफ्त किए जाने के बाद छात्रों की संख्या में इजाफा हुआ है। संस्कृति मंत्रालय इस संख्या को और बढ़ाने के लिए स्कूलों और कालेजों तक पहुंचेगा।

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    केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने हाल ही में घरेलू और विदेशी दोनों आगंतुकों के लिए 5 से 15 अगस्त तक देश भर के सभी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण-संरक्षित स्मारकों, स्थलों और संग्रहालयों में मुफ्त प्रवेश की घोषणा की थी। 

    छात्रों की प्रतिक्रिया अच्छी रही

    रेड्डी ने कहा, 'लोगों की प्रतिक्रिया अब तक अच्छी रही है, खासकर छात्रों की। 15 साल से कम उम्र के छात्रों के लिए पहले प्रवेश मुफ्त था, लेकिन अब और छात्र आ रहे हैं और वे अपने माता-पिता को भी ला रहे हैं।' केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव लोगों में देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देने के लिए एक शुरुआत है और इसे और अधिक बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

    उन्होंने हाल ही में एक कार्यक्रम से इतर कहा, 'हम प्रयास कर रहे हैं कि सूचना सभी स्कूलों, कालेजों तक पहुंचे और हम भारत के इस उत्सव के हिस्से के रूप में माहौल बनाने के लिए उनके प्रबंधन से बात करने का प्रयास कर रहे हैं।'

    केंद्रीय मंत्री को उम्मीद थी कि इस तरह के आउटरीच कार्यक्रमों से संख्या को और बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने अफसोस जताया कि कई युवाओं को अपने शहर या शहर के आसपास के क्षेत्रों में विरासत स्थलों के बारे में पता नहीं होता है, हालांकि वे जानते हैं कि विश्व स्तर पर क्या हो रहा है।

    स्मारकों के बजाय माल और मल्टीप्लेक्स की ओर आकर्षित हो रहे युवा 

    रेड्डी ने कहा कि कई युवा स्मारकों के बजाय माल और मल्टीप्लेक्स में जाने की ओर अधिक आकर्षित होते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं जानता हूं, यह एक बुरी बात है... बहुत से लोग यह जान रहे होंगे कि सिंगापुर और आस्ट्रेलिया में क्या हो रहा है, लेकिन उन्हें इस बात की जानकारी नहीं होगी कि उनके गांव या कस्बे के पास एक ऐतिहासिक स्मारक, एक प्रतिष्ठित स्मारक है। हालांकि, बहुत प्रगति हुई है और जागरूकता पैदा हुई है। गूगल के माध्यम से हम युवाओं को भी शामिल करने जा रहे हैं।'

    • भारत 15 अगस्त को देश की आजादी की 75वीं वर्षगांठ मनाएगा।
    • आजादी का अमृत महोत्सव, जिसे मार्च 2021 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया था, 15 अगस्त, 2023 तक जारी रहेगा।
    • आजादी का अमृत महोत्सव स्वतंत्रता के 75 साल और अपने लोगों, संस्कृति और उपलब्धियों के गौरवशाली इतिहास को मनाने के लिए भारत सरकार की एक पहल है।
    • केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय इन समारोहों के लिए नोडल एजेंसी है।

    रेड्डी ने 2 अगस्त को यह घोषणा करने के लिए ट्वीट किया था कि 5 से 15 अगस्त तक देश भर में एएसआई साइटों पर प्रवेश मुफ्त रहेगा। यह आजादी का अमृत महोत्सव समारोह के हिस्से के रूप में किया जा रहा है।

    तीन हजार से अधिक विरासत स्थल संरक्षित

    एएसआई द्वारा संरक्षित भारत में कुल 3,693 विरासत स्थल हैं। इनमें से कई UNECSO विश्व धरोहर स्थल हैं, जैसे- आगरा का ताजमहल, दिल्ली का लाल किला, कुतुब मीनार, हुमायूं का मकबरा, बिहार में प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के खंडहर। लखनऊ के ऐतिहासिक रेजीडेंसी से, जो 1857 के सिपाही विद्रोह के दौरान कुछ प्रमुख घटनाओं का केंद्र बिंदु था, पोरबंदर में महात्मा गांधी के जन्मस्थान तक, एएसआई स्वतंत्रता दिवस पर अपने 150 स्मारकों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए तैयार है।

    इसके अलावा, समारोह के हिस्से के रूप में कुल 150 स्मारकों को तिरंगे की थीम में प्रकाशित किया जाएगा। कुछ स्मारकों को पहले ही रोशन किया जा चुका है।

    देशभक्ति की भावना को राष्ट्र निर्माण के लिए इस्तेमाल करने की जरूरत

    प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को नई दिल्ली में आजादी का अमृत महोत्सव पर तीसरी राष्ट्रीय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा था कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देखी गई देशभक्ति की भावना को वर्तमान पीढ़ी में डालने और राष्ट्र निर्माण के लिए इस्तेमाल करने की जरूरत है।