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नई दिल्ली, माला दीक्षित। अयोध्या राम जन्मभूमि पर अपना दावा साबित करने के लिए रामलला की ओर से मंगलवार को हाईकोर्ट में पेश की गई गवाहियों, मिले शिलालेख, विदेशी यात्रियों के वर्णन का हवाला दे कहा गया कि अयोध्या ही है राम जन्मस्थान विश्व में दूसरी जगह राम जन्मभूमि नहीं है। मुस्लिमों के लिए जैसे मक्का है वैसे ही हिन्दुओं के लिए अयोध्या है। हिन्दुओं की यहां आस्था है और वे इसे पवित्र स्थान मानते हैं। सुनवाई बुधवार को भी जारी रहेगी।

ये दलीलें मंगलवार को अयोध्या राम जन्मभूमि मामले में आठवें दिन की सुनवाई के दौरान रामलला विराजमान के वकील सीएस वैद्यनाथन ने सुप्रीम कोर्ट में रखीं। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ मामले पर आजकल रोजाना सुनवाई कर रही है। हालांकि गत सोमवार को अपरिहार्य कारणों से सुनवाई पीठ नहीं बैठी थी।

पूरे विश्व में नहीं है दूसरी जगह राम जन्मभूमि
बुधवार को वैद्यनाथन ने राम जन्मभूमि पर दावा साबित करने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान दर्ज की गई मौखिक गवाहियों का हवाला दिया जिसमें महंत रामचंद्र दास ने कहा था कि पूरे विश्व से हिन्दू राम जन्मस्थान आते हैं वहां पूजा करते हैं हिन्दुओं का विश्वास है कि यह राम जन्मभूमि है। पूरे विश्व में दूसरी जगह राम जन्मभूमि नहीं है।

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उन्होंने रामचरित मानस, वशिष्ठ संहिता का जिक्र किया है। वाल्मीकि रामायण का जिक्र करते हुए कहा है कि जहां रामलला विराजमान हैं वहीं राम जन्मस्थान है। मुस्लिम गवाह और मामले में याचिकाकर्ता मोहम्मद हाशिम ने गवाही में कहा है कि 22-23 दिसंबर 1949 को जिस जगह को कब्जे में लिया गया उसे हिन्दू राम जन्मभूमि कहते हैं और मुसलमान उसे बाबरी मस्जिद कहते हैं। वहां पंचकोसी और चौदहकोसी परिक्रमा होती है। हिन्दू सौ साल से वहां परिक्रमा कर रहे हैं।

गवाह हाजी महमूद अहमद ने भी कहा है कि हिन्दू अयोध्या को तीर्थ मानते हैं। इन गवाहियों का हवाला देते हुए वैद्यनाथन ने कहा कि ये सभी मानते हैं कि अयोध्या हिन्दुओं के लिए पवित्र स्थान है। उन्होंने कहा कि मंदिर की जगह मस्जिद नहीं बन सकती है और इसका हवाला मोहम्मद यासीन की गवाही का हवाला दिया जिसमे कहा गया था कि मंदिर ढहा कर मस्जिद नहीं बनाई जा सकती। वहां नमाज नहीं हो सकती। इस पर पीठ के जस्टिस एसए बोबडे ने सवाल किया कि यह गवाह शिया था या सुन्नी। वैद्यनाथन ने कहा कि उन्हें लगता है कि यह सुन्नी था।

मंदिर तोड़ कर बनाई गई मस्जिद
वैद्यनाथन ने बारहवीं शताब्दी के शिलालेख और ASI रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि ये दोनों सबूत साबित करते हैं कि विवादित ढांचे की जगह पहले विशाल मंदिर था जिसे तोड़कर मस्जिद बनाई गई थी। हालांकि मस्जिद बनने के बाद भी हिन्दुओं ने कभी वहां पूजा करनी नहीं छोड़ी उनकी आस्था निरंतर राम जन्मस्थान में कायम रही।

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उन्होंने अयोध्या में ढांचा ढहने के समय मौजूद पांचजन्य के रिपोर्टर की गवाही का भी हवाला दिया जिसने वहां शिलालेख मिलने की बात कही है। वैद्यनाथन ने कहा कि शिलालेख में जो लिखा है उस पर विवाद नहीं है। शिलालेख कहता है कि साकेत मंडल के राजा गोविन्द चंद्र ने वहां विशाल विष्णुहरि का मंदिर बनवाया था। वैद्यनाथन ने कहा कि इस बात की पुष्टि ASI रिपोर्ट से होती है जिसमें कहा गया है कि विवादित स्थल पर खुदाई में दसवीं और ग्यारहवीं शताब्दी के उत्तर कालीन मंदिर के अवशेष मिले हैं। वहां मकर परनाला मिला है जो सिर्फ हिन्दू मंदिर मे होता है।

रामलला के बाद राम जन्मभूमि पुनुरुद्धार समिति का पक्ष सुना जाएगा
रामलाल के बाद कोर्ट अखिल भारती श्री राम जन्मभूमि पुनुरुद्धार समिति के वकील पीएन मिश्रा की बहस सुनेगा। उसके बाद दो तीन अन्य हिन्दू पक्षकारों को सुना जाएगा जिसके बाद मुस्लिम पक्ष की सुनवाई का नंबर आएगा।

Posted By: Dhyanendra Singh

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