नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। स्वतंत्र भारत में जन्मीं द्रौपदी मुर्मू सबसे कम उम्र की भारतीय राष्ट्रपति हैं। इससे पहले सबसे कम उम्र के राष्ट्रपति का रिकार्ड नीलम संजीव रेड्डी के नाम था। आज (25 जुलाई) को मुर्मू की उम्र 64 साल 1 महीना और 8 दिन हो गई वहीं राष्ट्रपति बनने के समय नीलम संजीव रेड्डी की उम्र 64 साल दो महीने और 6 दिन थी। बता दें कि देश के सातवें राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी स्वतंत्र भारत के इतिहास में सर्वोच्च पद के लिए निर्विरोध चुने गए इकलौते राष्ट्रपति थे।

20 जून को मनाया 64वां जन्मदिन और 21 जून को NDA ने बनाया उम्मीदवार

द्रौपदी मुर्मू ने 20 जून को अपना 64वां जन्मदिन मनाया था। 21 जून को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उन्हें NDA के राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने की घोषणा कर दी थी। इसके बाद राष्ट्रपति चुनाव में मुर्मू ने जीत हासिल किया। राष्ट्रपति के पद तक पहुंचने वाली मुर्मू देश की पहली आदिवासी महिला हैं।

छोटे से गांव में हुआ था जन्म

ओडिशा के मयूरभंज के एक छोटे से गांव में पली बढ़ी द्रौपदी मुर्मू आज देश की राष्ट्रपति बन गईं हैं। उनका जन्म 20 जून 1958 को हुआ था। 25 जुलाई यानि आज उनकी उम्र 64 साल 1 महीना और 8 दिन हो गई। इससे पहले सबसे कम उम्र के राष्ट्रपति का रिकार्ड नीलम संजीव रेड्डी के नाम था। राष्ट्रपति बनने के समय उनकी उम्र 64 साल दो महीने और 6 दिन थी।

  • 18 जुलाई को हुआ था राष्ट्रपति चुनाव, 21 जुलाई को मतगणना
  • कुल 4754 वोट पड़े थे, इसमें 4701 वोट वैध और 53 वोट अमान्य पाए गए
  • द्रौपदी मुर्मू को मिले वैल्यू 676803 वाले 2824 वोट
  • यशवंत सिन्हा को मिले वैल्यू 380177 वाले 1877 वोट

चीफ जस्टिस ने दिलाई शपथ

देश की पंद्रहवें राष्ट्रपति के तौर पर सोमवार को 64 वर्षीय द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) ने शपथ लिया। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (National Democratic Alliance, NDA) की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्रपति के तौर पर निर्वाचन गुरुवार को हुआ। चीफ जस्टिस एनवी रमना ने उन्हें राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई जिसके बाद उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गई।

विभिन्न विषयों को पढ़ाने वाली टीचर भी रह चुकीं हैं द्रौपदी मुर्मू

1994 से 1997 के बीच रायरंगपुर के श्री अरबिंदो इंटेग्रेटेल एजुकेशन एंड रिसर्च में एक टीचर के रूप में मुर्मू ने काम किया था। टीचर के तौर पर उन्होंने प्राथमिक विद्यालय में अलग-अलग विषयों को पढ़ाया। 1997 में उन्होंने अधिसूचित क्षेत्र परिषद में एक निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।

Edited By: Monika Minal

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