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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 05, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जेएनयू हिंसा पर अमित शाह ने दिया कड़ी कार्रवाई का निर्देश, जल्द रिपोर्ट पेश करने को कहा

By Dhyanendra SinghEdited By:
Published: Sun, 05 Jan 2020 11:27 PM (IST)Updated: Mon, 06 Jan 2020 07:25 AM (IST)

जेएनयू हिंसा पर गृह मंत्री अमित शाह ने एक संयुक्त सीपी स्तर के अधिकारी से जांच कराने का आदेश दिया है।

जेएनयू हिंसा पर अमित शाह ने दिया कड़ी कार्रवाई का निर्देश, जल्द रिपोर्ट पेश करने को कहा
जेएनयू हिंसा पर अमित शाह ने दिया कड़ी कार्रवाई का निर्देश, जल्द रिपोर्ट पेश करने को कहा

नई दिल्ली, जेएनएन। जेएनयू हिंसा पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस आयुक्त से बात की है और उन्हें आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। अमित शाह ने एक संयुक्त सीपी स्तर के अधिकारी से जांच कराने का आदेश दिया है और जल्द से जल्द एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है।

वहीं, जेएनयू में हुई हिंसा की भारतीय जनता पार्टी ने भी कड़ी निंदा की है। भाजपा ने कहा कि यह अराजकता की ताकतों द्वारा एक हताश प्रयास है। जो छात्रों को चारे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं और अपनी सिकुड़ती राजनीतिक को किनारे करने के लिए अशांति पैदा कर रहे हैं। इसके साथ ही भाजपा ने कहा कि विश्वविद्यालयों को सीखने और शिक्षा का स्थान बने रहने चाहिए।

कैंपस में नकाबपोशों ने की मारपीट और तोड़फोड़

बता दें कि जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में रविवार शाम जमकर तोड़फोड़ और मारपीट हुई। नकाबपोश लोगों ने छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष को बुरी तरह से पीटा। कैंपस में हुई तोड़फोड़ व मारपीट में एक प्रोफेसर भी बुरी तरह से घायल हुईं, जिनका इलाज एम्स अस्पताल में चल रहा है। वहीं, अब जेएनयू में हुई मारपीट पर सियासी घमासान भी शुरू हो गया है। जेएनयू में मारपीट के खिलाफ बड़ी संख्या में छात्र व राजनीतिक दल के नेता दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। 

जेएनयू की सुरक्षा को लेकर फिर खड़े हुए सवाल

जेएनयू में हुई हिंसा पर विश्वविद्दालय प्रशासन ने कहा है कि शरारती तत्वों से निपटने के लिए कदम उठा लिए गए हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को बुलाया गया है। साथ ही जेएनयू ने छात्रों को धैर्य बनाए रखने और अलर्ट पर रहने के लिए कहा है। वहीं, दूसरी ओर लोगों का कहना है कि किस तरह से इतनी सुरक्षा व्यवस्था होने के बाद भी कैसे लोग कैंपस में घुसे और मारपीट की जबकि कैंपस में मीडिया तक को एंट्री जल्दी नहीं मिल पाती है।