Lok Sabha Elections: इस नेता के चलते मुश्किल में I.N.D.I.A; ममता ने सुनाई खरी-खरी; नीतीश भी नाराज
लोकसभा चुनाव में केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार को चुनावी शिकस्त देने का सपना देख रहे विपक्षी आईएनडीआईए में सीट बंटवारे को लेकर घमासान मचा हुआ है। ममता बनर्जी नाराज हैं और कांग्रेस मान-मनौव्वल करने में जुटी हुई है लेकिन यह स्थिति भी तो कांग्रेस के एक नेता की वजह से ही उत्पन्न हुई। तृणमूल ने तो यहा कह दिया कि यह कांग्रेस नेता भाजपा की भाषा बोल रहा है।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार को चुनावी शिकस्त देने का सपना देख रहे विपक्षी आईएनडीआईए में सीट बंटवारे को लेकर घमासान मचा हुआ है। आईएनडीआईए में शामिल तृणमूल कांग्रेस खफा नजर आ रही है, लेकिन कांग्रेस डैमेज कंट्रोल करने में जुटी हुई है, लेकिन तृणमूल सीट शेयरिंग फॉर्मूले पर सहमति न बनने के पीछे महज एक नेता को जिम्मेदार ठहरा रही है। दरअसल, यह वही नेता है, जो गांधी परिवार का बेहद करीबी माना जाता है। बात हो रही है लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी की।
मान-मनौव्वल करेगी कांग्रेस
हाल ही में ममता बनर्जी के 'एकला चलो' की घोषणा से लगे झटके के बावजूद कांग्रेस को उम्मीद है कि तृणमूल के साथ बात बन सकती है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सीट बंटवारे की चुनौतियों को लेकर ममता बनर्जी से सीधे बात करेंगे।
तृणमूल नेता डेरेक ओ ब्रायन ने गुरुवार को कांग्रेस और उनकी पार्टी के बीच मनमुटाव के लिए अधीर रंजन चौधरी को जिम्मेदार ठहराया। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, आईएनडीआईए के दो ही मुख्य आलोचक हैं- भाजपा और अधीर रंजन। अधीर रंजन भाजपा की भाषा बोलते हैं। बंगाल में गठबंधन नहीं चल पाने के पीछे की तीन मुख्य वजह हैं:-
- अधीर रंजन
- अधीर रंजन
- अधीर रंजन
'विपक्षी गठबंधन का मजबूत स्तंभ है TMC'
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ममता के एकला चलो की राह वाले बयान को लेकर सधी हुई प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तृणमूल को विपक्षी गठबंधन का मजबूत स्तंभ बताया। उन्होंने कहा,
आईएनडीआईए 28 पार्टियों का गठबंधन है और तृणमूल इसका महत्वपूर्ण स्तंभ है। ममता बनर्जी देश की बड़ी अनुभवी, ऊर्जावान और जिम्मेदार नेता हैं। हम उनका पूरा सम्मान और आदर करते हैं। हमारा नेतृत्व- मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी सभी ममता बनर्जी के प्रति सम्मान और आदर रखते हैं और सभी जानते हैं कि देश की राजनीति में ममता बनर्जी का एक विशेष स्थान और पहचान है।
उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि ममता बनर्जी भाजपा को हराना चाहती हैं और हम भी यही चाहते हैं। हम एक होकर लड़ेंगे और आईएनडीआईए को सफल बनाएंगे। यही हमारा कर्तव्य है और धर्म है।
न्याय यात्रा की बंगाल में एंट्री
राहुल गांधी के नेतृत्व वाली 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' की गुरुवार को बंगाल में एंट्री हो रही है। ऐसे में ममता बनर्जी की नाराजगी कांग्रेस के लिए भारी पड़ सकती है। तृणमूल नेत्री सुष्मिता देव ने न्याय यात्रा को लेकर बताया कि ममता बनर्जी ने शुरू से ही यह स्पष्ट कर दिया कि उन्हें यात्रा के बारे में कोई जानकारी नहीं थी...
वहीं, तृणमूल ने पहले भी कई बार अधीर रंजन की बयानबाजी को लेकर नाराजगी जताई थी और आज डेरेक ओ ब्रायन ने अधीर रंजन का मुखर होकर नाम लिया।
तृणमूल नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि आईएनडीआईए तो ममता बनर्जी के नाम पर ही बना था और यह नाम भी उन्होंने ही दिया था और वह चाहती भी हैं कि आईएनडीआईए को सफलता मिले। ऐसे में सभी पार्टियों का एक ही उद्देश्य होना चाहिए- भाजपा हटाओ, देश बचाओ...
#WATCH | Kolkata, West Bengal | TMC MP Sudip Bandyopadhyay says, "INDIA alliance was formed under the name of Mamata Banerjee. The name 'INDIA' was given by her. She wants the alliance to succeed. So, every party must have the same purpose - BJP hatao, desh bachao." https://t.co/utIBgHhGbP pic.twitter.com/OksokrP65A
— ANI (@ANI) January 25, 2024
नीतीश कुमार भी नाराज
वैसे कांग्रेस के सामने महज ममता बनर्जी ही चुनौती पेश नहीं कर रही हैं, बल्कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी नाराज चल रहे हैं। इसके अलावा आम आदमी पार्टी के साथ भी उलझन कायम है।
नीतीश कुमार की नाराजगी को लेकर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने स्पष्ट कर दिया था कि सबकुछ ठीक चल रहा है, लेकिन स्थिति अब इससे उलट दिखाई दे रही है। केंद्र सरकार द्वारा कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिये जाने की घोषणा के बाद नीतीश कुमार के सुर बदले बदले नजर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की वह तारीफ कर रहे हैं और कांग्रेस को लेकर भी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
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