विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 01, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दो साल में 39 बांग्लादेशियों को असम से वापस भेजा गया : केंद्र

By Arti YadavEdited By:
Published: Wed, 01 Aug 2018 07:55 AM (IST)Updated: Wed, 01 Aug 2018 09:12 AM (IST)

रिजिजू ने कहा कि बांग्लादेश ने हाल ही में 53 बांग्लादेशी नागरिकों की राष्ट्रीयता सत्यापित कर दी है और स्वदेश ...और पढ़ें

दो साल में 39 बांग्लादेशियों को असम से वापस भेजा गया : केंद्र
दो साल में 39 बांग्लादेशियों को असम से वापस भेजा गया : केंद्र

नई दिल्ली (प्रेट्र)। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने मंगलवार को बताया कि असम में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले 39 बांग्लादेशियों को पिछले दो साल (2016-17) में वापस भेजा गया है।

लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में रिजिजू ने कहा कि बांग्लादेश ने हाल ही में 53 बांग्लादेशी नागरिकों की राष्ट्रीयता सत्यापित कर दी है और स्वदेश लौटने के लिए उनके यात्रा दस्तावेज भी जारी कर दिए हैं। असम सरकार को सलाह दी गई है कि वह इन बांग्लादेशी नागरिकों को जल्द से जल्द वापस भेजने के लिए आवश्यक कदम उठाए। रिजिजू ने कहा कि राज्य सरकार को इन बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस भेजने का पूरा अधिकार है।

एक अन्य सवाल के जवाब में गृह राज्यमंत्री ने बताया कि अवैध रूप से देश में घुसने वाले लोग बिना वैद्य यात्रा दस्तावेजों के चोरी-छिपे प्रवेश करते हैं, इसलिए ऐसे घुसपैठियों की निश्चित संख्या बता पाना संभव नहीं है।

एनआरसी मसौदे पर किसी के खिलाफ नहीं हो सकती कार्रवाई

असम के राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) की मसौदा रिपोर्ट मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई। कोर्ट ने रिपोर्ट देखने के बाद साफ किया कि प्रकाशित एनआरसी रिपोर्ट महज मसौदा है इसके आधार पर कोई भी अथारिटी किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं कर सकती।

साथ ही कहा कि लोगों के आपत्तियां और दावा देने के बारे में निष्पक्ष प्रक्रिया अपनायी जाएगी लोगों को अपना पक्ष रखने का मौका मिलना चाहिए। कोर्ट ने केन्द्र सरकार से जारी मसौदा रिपोर्ट के बाद अंतिम एनआरसी तैयार करने के लिए अपनाई जाने वाली तय प्रक्रिया (स्टैंडर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर) पूछी है। कोर्ट इस मामले में 16 अगस्त को फिर सुनवाई करेगा।