नई दिल्ली, प्रेट्र। पाकिस्तान-मलेशिया के संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के जिक्र पर भारत ने गुरुवार को बेहद तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। भारत ने कहा कि मलेशियाई नेतृत्व को तथ्यों की सही समझ विकसित करनी चाहिए और यह स्वीकार करना चाहिए कि पाकिस्तान अभी भी वैश्विक आतंकवाद का गढ़ है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के संबंध में किए गए जिक्र को भारत पूरी तरह खारिज करता है जो भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है। उन्होंने कहा, 'हम एक बार फिर मलेशियाई नेतृत्व से तथ्यों की बेहतर समझ विकसित करने का आह्वान करते हैं। इसमें यह तथ्य सम्मिलित है कि पाकिस्तान अभी भी वैश्विक आतंकवाद का गढ़ है जो भारत के खिलाफ सीमा पार आतंकवाद के लिए भर्ती, प्रशिक्षण, हथियार और वित्त पोषण करता है।'

प्रधानमंत्री इमरान खान की यात्रा की समाप्ति के बाद मलेशिया और पाकिस्तान ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने अपने मलेशियाई समकक्ष महातिर बिन मुहम्मद के साथ बातचीत में कश्मीर का मुद्दा भी उठाया। इमरान खान ने कश्मीर मसले पर बोलने के लिए महातिर बिन मुहम्मद को धन्यवाद भी दिया। मालूम हो कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और कश्मीर मसले पर मलेशिया की टिप्पणी के बाद से भारत-मलेशिया के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं।

इससे पहले मलेशिया के दो दिवसिय दौरे पर पहुंचे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने प्रधानमंत्री महातिर मुहम्मद से वादा किया कि वह भारत से हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए ज्यादा पाम ऑयल खरीदेगा।

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर और नागरिकता संशोधन कानून पर मलेशिया के द्वारा टिप्पणी के बाद भारत-मलेशिया के बीच व्यापार में कड़वाहट आ गई थी। इसके बाद भारत ने मलेशिया से पाम ऑयल के आयात पर सामान्य प्रतिबंध लगा दिया था। इसके अलावा भारत ने अनौपचारिक रूप से व्यापारियों को मलेशिया से पाम ऑयल खरीदने से मना कर दिया था। जो कि दुनिया में पाम ऑयल का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है।

Posted By: Manish Pandey

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