UFC में वजन पूरा नहीं करने पर फाइटर के साथ क्या होता है? जानिए बेल्ट छिनने से लेकर जुर्माने तक के नियम
यूएफसी में फाइट के लिए वजन के हिसाब से डिवीजन बांटे गए हैं। फाइटर्स अपने वजन के हिसाब से उस ...और पढ़ें
-1793543993193_m.webp)
यूएफसी में वजन मांपने का दृश्य

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। यूएफसी (UC) में वजन के हिसाब से डिवीजन बांटे गए हैं, जिसकी शुरुआत 115 पाउंड से होती है और आखिरी वेट डिवीजन 265 पाउंड का होता है। ऐसे में फाइटर्स अपने वजन के हिसाब से अलग-अलग डिवीजन में लड़ते हैं।
हालांकि, कई बार ऐसा होता है, जब फाइटर्स तय वजन से ज्यादा हो जाते हैं। ऐसे में उन्हें नियमों के हिसाब से नुकसान झेलना पड़ता है।
क्या होता है वेट मिस करना?
यूएफसी में अगर दो फाइटर्स के बीच मुकाबला 125 पाउंड के डिवीजन में तय हुआ है तो, उन्हें मैच से एक दिन पहले अपना वजन 125 पाउंड दिखाना होता है।
हालांकि, अगर फाइट चैंपियनशिप के लिए नहीं है तो फाइटर्स को एक पाउंड की छूट मिलती है। मगर मुकाबला बेल्ट के लिए है तो, ये छूट नहीं होती है।
क्या वेट मिस करने के बाद नहीं होती फाइट?
यूएफसी में अगर कोई फाइटर वेट मिस कर देता है तो, सामने वाले फाइटर पर निर्भर करता है कि वो ज्यादा वजन वाले खिलाड़ी से मुकाबला करेगा या नहीं।
अगर दोनों फाइटर लड़ाई के लिए तैयार हो जाते हैं तो, मुकाबला कैचवेट में होता है। कैचवेट का मतलब होता है, जब दोनों फाइटर्स किसी एक वेट पर फाइट करने के लिए सहमत हो जाते हैं।
हालांकि, ये भी जानना जरुरी है कि विरोधी फाइटर ज्यादा वजन वाले एथलीट से फाइट करने को मना भी कर सकता है।
क्या वेट मिस करने से छिन जाता है बेल्ट?
चैंपियनशिप फाइट में फाइटर्स को वेट मिस करने से नुकसान झेलना पड़ता है। अगर कोई चैंपियन फाइटर तय वजन से ज्यादा होता है तो उससे बेल्ट छीन लिया जाता है।
साल 2022 में दिग्गज फाइटर चार्ल्स ओलिवेरा के साथ यह हो चुका है। उस समय लाइटवेट के चैंपियन ओलिवेरा ने जस्टिन गेजी के खिलाफ मुकाबले में सिर्फ आधे पाउंड से वेट मिस कर दिया था, जिसके बाद उनसे बेल्ट छीन लिया गया था।
ओलिवेरा ने गेजी को हराकर मुकाबला अपने नाम किया था। इसके बावजूद उन्हें बेल्ट नहीं मिली।
पैसों का भी होता है नुकसान
यूएफसी में अगर कोई फाइटर तय वजन से ज्यादा होता है तो उसे पैसों का भारी नुकसान होता है। हालांकि, पैसों की कटौती की कोई तय अमाउंट नहीं है।
विरोधी फाइटर अगर ज्यादा वजन वाले एथलीट से लड़ने को तैयार होता है तो, उसे ज्यादा पैसे मिलते हैं। ज्यादा वजन वाला खिलाड़ी के पर्स से 20 से 30 प्रतिशत की कटौती होती है और सामने वाले फाइटर्स को दे दिया जाता है।