यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Vinesh Phogat Olympics: विनेश फोगाट ने सिल्वर मेडल के लिए किया दावा, कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन में की अपील
विनेश फोगाट ने कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन में डिसक्वालीफाई के खिलाफ अपील दायर की है। साथ संयुक्त रूप से सिल्वर मेडल ...और पढ़ें

HighLights
- फाइनल से पहले विनेश को वजन ज्यादा होने के चलते किया गया डिसक्वालीफाई
- विनेश फोगाट ने सीएएस में डिसक्वालीफाई के खिलाफ दर्ज की अपील
- विनेश ने अपील दायर करते हुए सिल्वर मेडल की मांग की
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। विनेश फोगाट ने डिसक्वालीफाई किए जाने के खिलाफ कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन (CAS) में अपील दायर की है। साथ ही संयुक्त रूप से सिल्वर मेडल दिए जाने की मांग की है। बुधवार की सुबह विनेश फोगाट को 100 ग्राम वजन ज्यादा होने के चलते डिसक्वालीफाई कर दिया गया था। विनेश फोगाट ने महिलाओं 50 किलोग्राम भार वर्ग के सेमीफाइनल में जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बनाई थी।
विनेश फोगाट ने महिलाओं की 50 किलोग्राम भार वर्ग की फ्री स्टाइल कुश्ती के पहले राउंड में दुनिया की नंबर पहलवान को धूल चटाई थी। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में यूक्रेन की खिलाड़ी को पटखनी देकर सेमीफाइनल में जगह पक्की की। सेमीफाइनल में क्यूबा की रेसलर को हराकर ओलंपिक कुश्ती के इतिहास में अपना नाम दर्ज करवा लिया था।
विनेश को अयोग्य घोषित होने पर देश में छा गई मायूसी
विनेश फोगाट पहली भारतीय महिला पहलवान बनीं थी, जिन्होंने ओलंपिक कुश्ती के फाइनल में जगह बनाई थी। विनेश ने इस जीत के साथ भारत के लिए एक मेडल पक्का कर दिया था। हालांकि, फाइनल मैच से पहले भारत और विनेश के एक बुरी खबर आई। 100 ग्राम वजन ज्यादा होने के चलते विनेश फोगाट को डिसक्वालीफाई कर दिया गया। इस खबर से पूरे देश के खेल प्रेमियों की आंखें नम कर दीं।
यह भी पढे़ं- Vinesh Phogat: डिसक्वालीफाई होने के बाद विनेश फोगाट ने तोड़ी चुप्पी, मिलने गए कोच को दिया दिलेरी भरा जवाब
खेल से जुड़े कानूनी विवाद निपटाती है CAS
अब विनेश फोगाट ने डिसक्वालीफाई किए जाने के खिलाफ कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन (CAS) में अपील दायर की है। सथा ही संयुक्त रूप से सिल्वर मेडल दिए जाने की मांग की है। बता दें कि सीएएस दुनिया भर में खेलों की सेवा करने वाली एक स्वतंत्र संस्था है। इसका काम खेल से जुड़े सभी कानूनी विवादों का निपटारा करना है।
