नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। Tokyo Olympics 2020 में जो भारतीय खिलाड़ी पदक जीतने के दावेदारों में शुमार हैं, उनमें 29 वर्षीय विकास कृष्ण यादव का भी नाम शामिल है। विकास कृष्ण यादव बॉक्सिंग के खेल में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले हैं। 69 किलोग्राम भार वर्ग में विकास कृष्ण यादव को बॉक्सिंग के पंच लगाते हुए देखा जाएगा, लेकिन सभी को उनसे गोल्डन पंच की उम्मीद है।

विकास कृष्ण यादव का जन्म 10 फरवरी 1992 को हरियाणा के भिवानी जिले में हुआ था। भिवानी को भारतीय बॉक्सिंग का हब कहा जाता है, क्योंकि यहां से दिग्गज बॉक्सर निकले हैं। अब तक कई पदक वे अपने नाम कर चुके हैं, लेकिन ओलंपिक में पदक जीतना उनका भी सपना होगा। हालांकि, वे इससे पहले भी ओलंपिक खेलों में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, लेकिन पदक से दूर ही रहे हैं।

विकास कृष्ण यादव भारत के दूसरे ऐसे बॉक्सर हैं, जिन्होंने तीन बार ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया है। पहले नंबर पर विजेंदर सिंह का नाम है। अनुभवी मुक्केबाज विकास कृष्ण यादव 23 जुलाई से शुरू होने वाले टोक्यो 2020 में अपना जौहर दिखाएंगे। ये उनका तीसरा ओलंपिक है। ऐसे में वे इस ओलंपिक को यादगार बनाने के लिए उत्सुक हैं। विकास लंदन 2012 ओलंपिक खेलों में पहली बार रिंग में उतरे थे।

अपनी पहली ओलंपिक उपस्थिति में प्रारंभिक दौर में विकास कृष्ण यादव को बाहर होना पड़ा था, लेकिन रियो 2016 ओलंपिक में उन्होंने थोड़ा आगे तक का सफर तय किया था और क्वार्टर फाइनल चरण तक पहुंच गए थे। हालांकि, यहां भी वे पदक के करीब पहुंचे, लेकिन पदक हासिल नहीं कर पाए। ऐसे में विकास अब ओलंपिक गेम्स में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देकर टोक्यो 2020 से पदक के साथ वापसी करना चाहेंगे।

विकास की उपलब्धियां

विकास ने 2010 में एशियन गेम्स में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 2015 की एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था। पुरुषों के 75 किग्रा वर्ग में उनको इराक के वहीद अब्दुलरिधा (Waheed Abdulridha) से हार मिली थी। 2016 रियो ओलंपिक में विकास ने शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन वे पदक नहीं जीत पाए थे। हालांकि, 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में विकास ने गोल्ड मेडल हासिल किया था।

Edited By: Vikash Gaur