Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    'तो मैं अपना पदक विनेश को दे देती', महिला पहलवान के साथ हुए 'हादसे' के बाद साक्षी और सिंधू हो गईं भावुक

    Updated: Wed, 07 Aug 2024 04:25 PM (IST)

    भारत को पेरिस ओलंपिक खेलों में उस समय बड़ा झटका लग गया जब विनेश फोगाट मेडल से चूक गईं। ज्यादा वजन होने के कारण वह फाइनल नहीं खेल सकीं और अयोग्य घोषित कर दी गईं जिससे उनके हाथ से मेडल भी फिसल गया। पूरा देश इस समय विनेश के साथ है। साक्षी मलिक पीवी सिंधू ने भी विनेश की हौसलाअफजाई की है।

    Hero Image
    विनेश फोगाट के सामर्थन में उतरी साक्षी मलिक

     स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। ज्यादा वजन होने के बाद पेरिस ओलंपिक-2024 में मेडल से चूकने वाली भारत की महिला पहलवान विनेश फोगाट के साथ पूरा देश खड़ा है। हर कोई उनके दुख में शामिल हैं। भारत की दो ओलंपिक मेडल विजेता पीवी सिंधू और साक्षी मलिक ने भी विनेश के साथ साहनुभूति जताई है। साक्षी ने कहा है कि अगर उनका बस चलता तो वह अपने मेडल विनेश को दे देतीं।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    विनेश ने पेरिस ओलंपिक-2024 में 50 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में जगह बनाई थी। वह गोल्ड की दावेदार थीं। लेकिन फाइनल से पहले जब उनका वजन किया गया तो ये 100 ग्राम ज्यादा निकला। इसी कारण उन्हें फाइनल से डिस्क्वालिफाई कर दिया गया और वह मेडल से चूक गईं।

    यह भी पढ़ें- Paris Olympics 2024 में विनेश फोगाट की जगह फाइनल में उतरेंगी क्यूबा की पहलवान लोपेज, कल विनेश ने इन्हें ही हराया था

    साक्षी हो गईं भावुक

    रियो ओलंपिक-2016 में भारत को ब्रॉन्ज मेडल दिलाने वाली साक्षी ने सोशल मीडिय साइट एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "मेरा दिल घबराया हुआ और परेशान है। विनेश ने जो किया है वह कल्पना से परे है। यह शायद इस ओलंपिक में किसी भारतीय एथलीट के साथ हुई सबसे विनाशकारी घटना है। हम सोच भी नहीं सकते कि वह किस दौर से गुजर रही होगी। अगर ऐसा संभव होता, तो मैं अपना पदक विनेश को दे देती।"

    सिंधू ने दिया समर्थन

    वहीं भारत को रियो और टोक्यो ओलंपिक में दो मेडल दिलाने वाली महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू ने भी विनेश का समर्थन किया है और उनकी हौसलाअफजाई की है। सिंधू ने लिखा, "विनेश फोगाट, आप हमेशा हमारी नजरों में चैंपियन रहेंगी। मैं बहुत शिद्दत से आपके गोल्ड जीतने की उम्मीद कर रही थी। मैंने आपके साथ पीडीसीएसई में थोड़ा ला समय बिताया था और देखा था कि आप बेहतर होने की ललक रखने वाली सुपरह्यूमन हो। ये प्रेराणदायी है। मैं आपके साथ हमेशा से खड़ी हूं, पूरे यूनिवर्स की पॉजिटिव एनर्जी आपके लिए।"