Para Asian Games: पैरा एथलीटों ने लगाई पदकों की झड़ी, भारत ने पहले दिन जीते 4 गोल्ड मेडल
जापान के आइची नागोया में पांचवें पैरा एशियाई खेलों के पहले दिन भारत ने 4 स्वर्ण सहित कुल 11 पदक ...और पढ़ें

रिंकू हुड्डा-मोना अग्रवाल
HighLights
भारत ने पहले दिन 4 स्वर्ण सहित कुल 11 पदक जीते
मोना अग्रवाल, निशाद कुमार, रिंकू, सौम्या ने स्वर्ण पदक हासिल किए
निशानेबाजी और पैरा एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। जापान के आइची नागोया शहर में चल रहे पैरा एशियाई खेलों में सोमवार को निशानेबाजी से लेकर ट्रैक एंड फील्ड तक भारतीय एथलीटों का दम दिखा। लंबी कूद में निशाद कुमार, भाला फेंक में रिंकू और दृष्टिबाधित धाविका सौम्या ने अपने-अपने मुकाबलों में शीर्ष स्थान हासिल किया।
इसके अलावा भारत ने दो रजत और एक कांस्य पदक भी जीता। एथलेटिक्स स्पर्धाओं के पहले दिन मेजबान जापान आठ पदकों (तीन स्वर्ण, तीन रजत और दो कांस्य) के साथ भारत से आगे रहा।
निशाद कुमार जीता गोल्ड मेडल
निशाद ने पुरुषों की टी47 लंबी कूद स्पर्धा में 7.11 मीटर की छलांग लगाकर भारत का स्वर्ण पदकों का खाता खोला। 27 वर्षीय निशाद ने तीसरी और पांचवीं कोशिश में समान 7.11 मीटर की दूरी तय की। खास बात यह रही कि यह उनके करियर की पहली प्रतिस्पर्धी लंबी कूद स्पर्धा थी।
चीन में पिछले एशियाई पैरा खेलों में निशाद ने ऊंची कूद टी47 में स्वर्ण पदक जीता था। इस बार भी वह ऊंची कूद की अपनी पसंदीदा स्पर्धा में हिस्सा लेंगे। निशाद का जीवन संघर्ष से भरा रहा है। हिमाचल प्रदेश के अंब में परिवार के खेत पर छह साल की उम्र में घास काटने वाली मशीन से हुए हादसे में उनका दायां हाथ कट गया था। इसके बावजूद उन्होंने खेलों में अपनी पहचान बनाई। वह दो बार के पैरालिंपिक रजत पदक विजेता भी हैं। टी47 वर्ग ऊपरी अंगों में शारीरिक अक्षमता वाले खिलाड़ियों के लिए है।
सौम्या ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया
महिलाओं की 1500 मीटर टी12/टी13 स्पर्धा में सौम्या ने अपने पहले एशियाई पैरा खेलों में स्वर्ण जीता, जबकि राधा वेंकटेश ने रजत पदक हासिल किया। सौम्या ने पांच मिनट 12.39 सेकेंड और राधा ने पांच मिनट 30.90 सेकेंड का समय निकाला। सौम्या के साथ कुमार भरत और राधा के साथ गोविंद सोलंकी गाइड के रूप में दौड़े।
इस वर्ग में दृष्टिबाधित खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। टी11 में दृष्टिहीनता सबसे गंभीर और टी13 में सबसे कम होती है, जबकि टी12 इनके बीच का वर्ग है। टी11 की महिलाओं की स्पर्धा में भारत की रवन्नी वलसानैनी को कांस्य मिला। मूल रूप से तीसरे स्थान पर रही रक्षित राजू को कपड़ों, जूतों और बिब से जुड़े तकनीकी नियमों के उल्लंघन के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया था।
रिंकू हुड्डा ने किया कमाल
भारत का तीसरा स्वर्ण पुरुषों की भाला फेंक एफ46 स्पर्धा में रिंकू ने दिलाया। उन्होंने 65.11 मीटर का थ्रो कर स्वर्ण जीता, जबकि अजीत सिंह 65.02 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहे। दोनों के बीच अंतर सिर्फ नौ सेंटीमीटर का था। तीन खिलाड़ियों की इस स्पर्धा में इंडोनेशिया के आर. शक्तियोनो ने 55.30 मीटर के थ्रो के साथ कांस्य पदक जीता। एफ46 वर्ग में कोहनी के ऊपर या नीचे एक हाथ गंवा चुके अथवा इसी तरह की शारीरिक अक्षमता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं।
फाइनल में मोना ने की शानदार वापसी
महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल एसएच1 स्पर्धा के फाइनल में स्वर्ण पदक जीतने वाली मोना अग्रवाल फाइनल में छठे स्थान पर थीं, लेकिन उन्होंने वापसी करते हुए 250.0 अंक हासिल किए। यह एशियाई पैरा खेलों का रिकॉर्ड रहा। दो बार की पैरालिंपिक चैंपियन और मौजूदा एशियाई पैरा खेल चैंपियन अवनी 249.6 अंक के साथ रजत पदक पर रहीं। दोनों के बीच अंतर महज 0.4 अंक का था।
मोना ने क्वालीफिकेशन में भी अपना दबदबा दिखाया था। उन्होंने 629.1 अंक के साथ आठ निशानेबाजों के बीच शीर्ष स्थान हासिल किया और एशियाई पैरा खेलों का क्वालीफिकेशन रिकॉर्ड बनाया। अवनी 626.4 अंक के साथ दूसरे स्थान पर थीं। मोना के विश्व पैरा निशानेबाजी चैंपियनशिप में रजत जीतकर पहले ही लॉस एंजिलिस 2028 पैरालिंपिक का एक कोटा हासिल करने के बाद अवनी के पदक ने भारत को दूसरा कोटा स्थान दिलाया।
जूडो में कोकिला का रजत, कपिल को कांस्य
भारतीय दृष्टिबाधित जूडो खिलाड़ियों ने भी दो पदक जीतकर देश की झोली में योगदान दिया। महिलाओं के जे2 वर्ग के 52 किग्रा फाइनल में कोकिला को किर्गिस्तान की ऐबिके उलानबेक क्यजी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। कोकिला ने पिछले हांगझू एशियाई पैरा खेलों में कांस्य जीता था। पुरुषों के जे1 वर्ग के 70 किग्रा मुकाबले में कपिल परमार ने कांस्य पदक जीता।
तैराकी में रजत, टेबल टेनिस में तीन पदक पक्के
तैराकी में रवि कार्तिक बुदिगिना ने पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस13 स्पर्धा में 56.68 सेकंड का समय निकालकर रजत पदक जीता। एस13 वर्ग में कम दृष्टिबाधित खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। टेबल टेनिस में भारत के लिए तीन वर्गों में पदक पक्के हो गए। पैरालंपिक रजत पदक विजेता भाविना पटेल ने चीन की झांग मियाओ को 3-1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
