नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। भारतीय ओलंपिक संघ प्रमुख नरिंदर बत्रा ने कहा है कि वो भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष पद का अगला चुनाव नहीं लड़ेंगे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि "मुझे लगता है कि समय आ गया है कि मैं इस भूमिका को किसी ऐसे व्यक्ति पर छोड़ दूं जो भारतीय खेलों को और अधिक ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए फ्रेश माइंड और नए विचारों के साथ आ रहा है और भारत में 2036 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक की मेजबानी प्राप्त करने के लिए काम करने के लिए भी तैयार रहे।"

उन्होंने काम के बढ़ते बोझ का हवाला देते हुए कहा कि "ऐसे समय में जब विश्व हॉकी एक आवश्यक विकास के दौर से गुजर रही है। इस साल एफआईएच हॉकी नेशंस कप के रूप में एक नई प्रतियोगिता का निर्माण और प्रशंसकों को आकर्षित करने वाले नए प्लेटफार्मों और गतिविधियों की शुरुआत से बतौर अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ (FIH) के अध्यक्ष मुझे अधिक समय की आवश्यकता होती है" नतीजतन, मैंने भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के अध्यक्ष के रूप में आगे के कार्यकाल के लिए नहीं जाने का फैसला किया है

फिलहाल वो कथित तौर पर व्यक्तिगत उद्देश्यों के लिए 35 करोड़ रुपये के फंड का हेर-फेर करने के आरोप में जांच के घेरे में हैं। वो 2017 से IOA का नेतृत्व कर रहे थे

ओलंपिक निकाय के चुनाव पिछले दिसंबर में होने थे, लेकिन दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका के बाद उन्हें निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित नहीं किया जा सका। आरोप है कि यह राष्ट्रीय खेल संहिता और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के चार्टर के अनुरूप नहीं है।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि "मैं उन सभी को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने पिछले 4 वर्षों में मेरा समर्थन किया है और मैं अपने उत्तराधिकारी और भारत में पूरे खेल परिवार को भविष्य में हर सफलता की कामना करता हूं!"

Edited By: Sameer Thakur