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2022 में दिल का दौरा पड़ने से हुई थी पिता की मौत, 4 साल बाद विश्व चैंपियन बनकर मनीषा ने पूरा किया उनका सपना

Published: Sat, 31 Oct 2026 06:00 AM (IST)

मनीषा भानवाला के पिता की मौत 2022 में हुई थी। अब चार साल बाद मनीषा ने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर उनका सपना पूरा कर दिया है।

मनीषा भानवाला (फोटो- WFI)

मनीषा भानवाला (फोटो- WFI)

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जागरण संवाददाता, जींद। करीब 14 साल पहले मनीषा भानवाला को कुश्ती के मैदान में उतारने की प्रेरणा उनके पिता सुरेश ने दी थी। दुर्भाग्य से जब मनीषा ने पहलवान के रूप में अपनी पहचान बनानी शुरू की, तभी उनके पिता का निधन हो गया।

दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हुआ था। साल 2022 में एशियाई चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए मंगोलिया रवाना होने के लिए मनीषा जब हरियाणा के जींद जिले के सिवाहा गांव स्थित अपने घर से निकली थीं, उसके कुछ घंटे बाद ही उनके पिता इस दुनिया को अलविदा कह गए।

पिता आज भी हैं साथ

चार साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन 29 वर्षीय पहलवान का मानना है कि उनके पिता आज भी उनके साथ हैं और जरूरत पड़ने पर उनका मार्गदर्शन करते हैं। शुक्रवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ।

कजाखस्तान के अस्ताना में जारी विश्व चैंपियनशिप में 59 किग्रा भार वर्ग के फाइनल में अमेरिका की अबीगैल नेत्ते को हराकर मनीषा ने इतिहास रच दिया। किसान परिवार से निकलकर विश्व चैंपियन बनने तक मनीषा का सफर संघर्ष भरा रहा।

भाई ने भी की मदद

10 जनवरी 1997 को जन्मी मनीषा जींद जिले के सिवाहा गांव से हैं। उनका परिवार साधारण किसान परिवार है। उनके बड़े भाई कबड्डी खिलाड़ी रिंकू ने भी उन्हें रोहतक की प्रसिद्ध चौधरी छोटूराम कुश्ती अकादमी में दाखिला दिलाने में मदद की।

मनीषा ने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे। 2016 में कैडेट विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक, 2016 के दक्षिण एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक, 2017 की कामनवेल्थ कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक, 2018 में विश्व सैन्य खेलों में स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

2022, 2023 और 2024 की एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता। 2023 और 2025 में राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर प्रतिभा साबित की। मार्च 2025 में जार्डन के अमान में 62 किलोग्राम भारवर्ग में उत्तर कोरिया की खिलाड़ी को 8-7 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। यह उनके करियर की सबसे यादगार उपलब्धियों में से एक रही। मनीषा रोहतक में जूनियर कोच के पद पर कार्यरत हैं।

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