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45 नहीं थी रोहित शर्मा की पहली पसंद, फिर मम्मी ने जर्सी का नंबर चुनने में कैसे की मदद? हिटमैन ने सुनाई दिलचस्प कहानी

Published: Fri, 30 Oct 2026 08:31 PM (IST)

रोहित शर्मा ने नंबर-45 जर्सी चुनने के पीछे की दिलचस्प कहानी बताई है। रोहित को इस नंबर को चुनने में उनकी मां ने अहम भूमिका निभाई थी।

रोहित शर्मा

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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में जब भी 45 नंबर जर्सी की बात होती है तो, फैंस के दिमाग में सिर्फ रोहित शर्मा का नाम ही आता है। मगर रोहित के इस नंबर को चुनने के पीछे बहुत ही दिलचस्प कहानी है।

रोहित ने 'फैमिली फुल हाउस विद रोहित शर्मा' शो पर बताया कि वो सिंगल डिजिट वाला नंबर लेना चाहते थे। मगर वो ऐसा नहीं कर पाए। फिर उन्हें 19 नंबर मिला।

हालांकि, राहुल द्रविड़ की वजह से उन्हें ये नंबर पर भी टीम इंडिया में मिलना मुमकिन नहीं था, जिसके बाद रोहित को 45 नंबर चुनने में उनकी मां ने किस तरह मदद की, इसका खुलासा खुद हिटमैन ने किया है।

रोहित पहले खेले नंबर-19 जर्सी पहनकर

बातचीत के दौरान राहुल लोहनी ने रोहित से 45 नंबर के महत्व के बारे में पूछा, सर 45 नंबर जर्सी देखते ही या सुनते ही समझ आ जाता है लोगों की हिटमैन आ गया है, पर ये 45 नंबर क्यूं चुना आपने?

रोहित ने जर्सी नंबर के पीछे की कहानी बताते हुए कहा, 'इसका बड़ा सिंपल लॉजिक था,मैंने जब पहली बार जर्सी में क्रिकेट खेला, क्योंकि आप जर्सी पहनते हो तो आपको नंबर चुनना पड़ता है। तो लोगों ने सब नंबर चुन लिया था। नंबर-5, 8, 9। मुझे सिंगल डिजिट चाहिए था। लेकिन सब लोगों ने चुन लिया था। तो मेरे पास बचा नंबर-19। क्योंकि वो 19 नंबर मुझे बस ऐसे ही अच्छा लग रहा था, तो मैंने 19 नंबर डाल के मैंने खेला भी। अंडर-19 में।'

राहुल द्रविड़ के वजह से छोड़ा 19 नंबर पर

हालांकि, रोहित को यह पता चल गया था कि अगर उन्हें आगे भारत के लिए खेलना है तो अपने विकल्प के बारे में एक बार फिर सोचना होगा, क्योंकि भारतीय टीम राहुल द्रविड़ 19 नंबर पहनकर खेला करते थे।

रोहित ने बताया, 'फिर उसके बाद, मेरे साथ में एक खेल रहे थे उस टाइम पे अभी मुझे नाम नहीं याद आ रहा है। उन्होंने मुझे बोला, अरे भाई ये अंडर-19 ठीक है। इंडिया टीम में खेलेगा न तू, ये नंबर नहीं ले सकता है। तो मैं बोला, क्यों, तो वो बोले, राहुल द्रविड़ का नंबर है। और राहुल उस समय 19 नंबर पहन कर खेल रहे थे और कप्तान भी थे।'

रोहित ने फिर मम्मी को मिलाया फोन

रोहित को जब पता चला कि वो, 19 नंबर के साथ भारतीय टीम में नहीं खेल सकते, तो फिर उन्होंने होटल पहुंचकर सीधा अपनी मम्मी को फोन किया और फिर दोनों ने मिलकर नंबर चुना।

उन्होंने कहा, 'तो तभी उसके बाद, तुरंत शाम को मैं होटल पहुंचकर मैंने मम्मी को फोन किया। मम्मी को बोला, मम्मी, ये नंबर से नहीं खेल सकता हूं। अभी आप मुझे बताओ कि कौन से नंबर से खेलना चाहिए। तो मम्मी ने मेरे लिए ये नंबर पिक किया '45'।'

रोहित ने आगे कहा, 'मम्मी ने मुझे बोला, 9 नंबर से खेल, तेरे लिए अच्छा रहेगा। 9 नंबर चला गया था, 27 नंबर से खेलना नहीं था मुझे। तो मुझे 4 और 5 आजू-बाजू में बहुत अच्छा लग रहा था। तो मेरा भी मम्मी को ये फीडबैक था कि 4-5 ज्यादा अच्छा लग रहा है तो, ‘मम्मी, ये नंबर लेता हूं मैं। ये 9 भी होता है और नंबर जर्सी पे भी 4-5 बहुत अच्छा लगेगा।’

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