ओलंपिक 2036 की मेजबानी की दावेदारी की प्रकिया समझी, लुसाने गया था भारतीय दल
पीटी उषा ने एक जुलाई को खत्म हुई दो दिवसीय यात्रा के दौरान आईओसी की नई अध्यक्ष क्रिस्टी कोवेंट्री से भी मुलाकात की। इन बैठकों का ब्यौरा नहीं मिल सका है लेकिन खेल मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा कि काफी जानकारियां हासिल हुई है। सूत्र ने कहा कि अभी प्रक्रिया रुकी हुई है लेकिन हमने पिछले साल ओलंपिक की मेजबानी की इच्छा जताने का आशय पत्र सौंप दिया है।

नई दिल्ली, प्रेट्र। भारत की ओलंपिक 2036 की मेजबानी की दावेदारी के सिलसिले में लुसाने गए भारतीय दल ने आगे की औपचारिकताओं से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर अहम जानकारी हासिल की है। इस दल में गुजरात के खेल राज्यमंत्री हर्ष सांघवी, भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा और खेल सचिव हरि रंजन राव शामिल थे, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अधिकारियों से बातचीत की।
पीटी उषा ने एक जुलाई को खत्म हुई दो दिवसीय यात्रा के दौरान आईओसी की नई अध्यक्ष क्रिस्टी कोवेंट्री से भी मुलाकात की। इन बैठकों का ब्यौरा नहीं मिल सका है लेकिन खेल मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा कि काफी जानकारियां हासिल हुई है। सूत्र ने कहा कि अभी प्रक्रिया रुकी हुई है लेकिन हमने पिछले साल ओलंपिक की मेजबानी की इच्छा जताने का आशय पत्र सौंप दिया है।
आईओसी अधिकारियों से की मुलाकात
प्रतिनिधिमंडल ने आईओसी अधिकारियों से मुलाकात करके उनका मार्गदर्शन लिया। यह दौरा प्रक्रिया को समझने के लिए ही था। कोवेंट्री ने कार्यभार संभालने के बाद अपने पहले संवाददाता सम्मेलन में मेजबान चयन प्रक्रिया पर विराम लगाने और विचार करने की घोषणा की थी और कहा था कि सदस्य देश इस बात पर विस्तृत बातचीत के पक्ष में हैं कि नए मेजबान की घोषणा करने का आदर्श समय क्या होगा।
भारत को माना जा रहा मजबूत दावेदार
उन्होंने कहा था कि एक कार्य समूह पिछले अधिकारों के विजेताओं के अनुभवों से सबक का आकलन करेगा और एक ऐसी प्रक्रिया तैयार करेगा जो सदस्य देशों को अधिक स्वीकार्य होगी। अहमदाबाद में ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए भारत को एक मजबूत दावेदार माना जा रहा है, जो नए बुनियादी ढांचे को तैयार करने और मौजूदा को बेहतर करने की प्रक्रिया में है।
इन देशों ने दी है टक्कर
भारत की बोली को सऊदी अरब, तुर्की और यहां तक कि इंडोनेशिया से भी टक्कर मिलने की संभावना है। खेल मंत्रालय संसद के मानसून सत्र से पहले 18 से 20 जुलाई के बीच खेल कांक्लेव का भी आयोजन करेगा, जिसमें खिलाड़ियों, कोचों, कारपोरेट जगत और राष्ट्रीय महासंघों से भारतीय खेलों के भविष्य को लेकर चर्चा की जाएगी। मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि इसमें खेलो भारत नीति के जारी होने के बाद भारतीय खेलों की रणनीति और रोडमैप पर चर्चा की जाएगी।
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