Australian Open 2025: 25वें ग्रैंडस्लैम खिताब से दो कदम दूर जोकोविक, सेमीफाइनल में की एंट्री
अपने करियर में 24 ग्रैंडस्लैम खिताब जीत चुके नोवाक जोकोविक पिछले वर्ष केवल एक ही ग्रैंडस्लैम के फाइनल में पहुंच सके थे। अलकराज (फ्रेंच ओपन विंबलडन) व जानिक सिनर (आस्ट्रेलियन ओपन यूएस ओपन) ने चारों ग्रैंडस्लैम अपने नाम किए थे। लेकिन इस दिग्गज ने हार नहीं मानी और पिछले साल पेरिस ओलंपिक में पहले स्वर्ण पदक जीता और अब वह अपने 25वें ग्रैंडस्लैम खिताब से केवल दो जीत दूर हैं।

मेलबर्न, एपी : नोवाक जोकोविक.. पिछले साल विंबलडन के फाइनल में जब कार्लोस अलकराज के विरुद्ध इस 37 वर्षीय दिग्गज को हार मिली थी तो कुछ लोगों ने कहा कि अब उनका समय समाप्त हो गया है। अपने करियर में 24 ग्रैंडस्लैम खिताब जीत चुके जोकोविक पिछले वर्ष केवल एक ही ग्रैंडस्लैम के फाइनल में पहुंच सके थे और अलकराज (फ्रेंच ओपन, विंबलडन) व जानिक सिनर (आस्ट्रेलियन ओपन, यूएस ओपन) ने ही चारों ग्रैंडस्लैम अपने नाम किए थे।
लेकिन इस दिग्गज ने हार नहीं मानी और पिछले साल पेरिस ओलंपिक में पहले स्वर्ण पदक जीता और अब वह अपने 25वें ग्रैंडस्लैम खिताब से केवल दो जीत दूर हैं। जोकोविक ने मंगलवार को खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में पहला सेट गंवाने के बाद शानदार वापसी करते हुए तीसरी वरीयता प्राप्त अलकराज को 4-6, 6-4, 6-3, 6-4 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया और खुद को रिकार्ड 25वें ग्रैंडस्लैम खिताब की दौड़ में बनाए रखा।
हवादार परिस्थितियों में अलकराज ने पहले सेट में जोकोविक को मात देने के लिए ड्रॉप शॉट का बेहतरीन इस्तेमाल किया, जिन्हें पहले सेट में 4-5 पर ऊपरी बाएं पैर की समस्या के लिए मेडिकल टाइमआउट मिला था। अलकराज ने ओपनर (13-3) में सातवें वरीय खिलाड़ी की तुलना में 10 ज्यादा विनर लगाए। दूसरे सेट में जोकोविक ने बेसलाइन से अपनी आक्रामकता बढ़ाई और पैर जमाए।
उन्होंने अपनी शारीरिक समस्याओं का समाधान करने के लिए रैलियों की लंबाई कम की और सेट के अपने 11वें विनर के साथ मैच को बराबर कर दिया। सातवें वरीय खिलाड़ी ने तीसरे सेट में भी आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने स्पेन के खिलाड़ी के सर्विस करने के दौरान अलकराज की गलतियों का भी लाभ उठाया और दबाव के क्षणों में अपना सर्वश्रेष्ठ टेनिस खेलकर आगे बढ़ गए।
इसके साथ ही नोवाक ने पिछले वर्ष विंबलडन फाइनल में मिली हार का भी हिसाब चुकता कर लिया। सातवीं वरीयता प्राप्त जोकोविक 50वें मेजर सेमीफाइनल में पहुंचे हैं और सेमीफाइनल में दूसरे वरीय जर्मन एलेक्जेंडर ज्वेरेव से खेलेंगे। ज्वेरेव ने क्वार्टर फाइनल में अमेरिका के टामी पाल को हराया। जर्मनी के इस खिलाड़ी ने रैंकिंग में 12वें स्थान पर काबिज पाल के विरुद्ध तीन घंटे 28 मिनट तक चले मुकाबले को 7-6, 7-6, 2-6, 6-1 से अपने नाम किया।
विश्व नंबर एक एरिना सबालेंका ने मंगलवार को यहां पहला सेट गंवाने के बाद शानदार वापसी करते हुए अनास्तासिया पावल्युचेंकोवा को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। गुरुवार को होने वाले सेमीफाइनल में उनका मुकाबला अपनी अच्छी सहेली और 11वीं वरीयता प्राप्त पाउला बडोसा से होगा, जिन्होंने कोको गफ को हराकर पहली बार ग्रैंडस्लैम के सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
दो बार की चैंपियन सबालेंका अब अपने तीसरे आस्ट्रेलियन ओपन खिताब से केवल दो जीत दूर हैं। ये बेलारूसी सुंदरी अगर इस बार भी चैंपियन बनती है तो फिर वह आस्ट्रेलियन ओपन के महिला सिंगल्स में मार्टिना हिंगिस के बाद खिताबी हैटट्रिक बनाने वाली पहली खिलाड़ी बन जाएंगी। हिंगिस ने 1997 से 1999 तक यह कारनामा किया था।
सबालेंका ने क्वार्टर फाइनल मुकाबला 2-6, 6-2, 6-3 से जीतकर मेलबर्न पार्क पर जीत का क्रम आगे बढ़ाते हुए लगातार 19वीं जीत दर्ज की। सबालेंका को लय हासिल करने में थोड़ा समय लगा। तीसरे और निर्णायक सेट में भी एक समय स्कोर 3-3 से बराबरी पर था, लेकिन सबालेंका ने लगातार तीन गेम जीतकर मैच अपने नाम किया।
बाडोसा ने समाप्त की गफ की चुनौती
बाडोसा ने क्वार्टर फाइनल में तीसरी वरीय अमेरिकी खिलाड़ी कोको गफ को 7-5, 6-4 से हराया। इस वर्ष 9-0 के रिकार्ड के साथ राड लेवर एरिना पर उतरीं गफ नवंबर में डब्ल्यूटीए फाइनल्स जीतने के बाद एक भी मैच नहीं हारी थीं। उन्होंने इस साल मेलबर्न पार्क पर चार मैचों में एक ही सेट गंवाया था। 27 वर्षीय स्पेनिश खिलाड़ी बाडोसा करियर में पहील बार ग्रैंडस्लैम सेमीफाइनल खेलेंगी।
बोपन्ना-झांग की जोड़ी की हार के साथ भारतीय चुनौती समाप्त
रोहन बोपन्ना और शुआई झांग की जोड़ी को मिक्स्ड डबल्स के अंतिम आठ मुकाबले में मंगलवार को यहां स्थानीय वाइल्ड कार्ड जॉन पीयर्स और ओलिविया गैडेकी की जोड़ी के खिलाफ सुपर टाई ब्रेक में मैच प्वाइंट भुनाने में नाकाम रहने के बाद टूर्नामेंट से बाहर हो गई।
आस्ट्रेलियाई जोड़ी से भारत और चीन के खिलाड़ियों की जोड़ी किआ एरेना में एक घंटे आठ मिनट तक चले मुकाबले में 6-2, 4-6, 9-11 से हार गई। इस हार के साथ ही वर्ष के पहले ग्रैंडस्लैम में भारतीय चुनौती समाप्त हो गयी। बोपन्ना पहले ही पुरुष युगल से बाहर हो गए थे। सिंगल्स में सुमित नागल और डबल्स में युकी भांबरी और एन श्रीराम बालाजी सहित भारत के अन्य दावेदार भी विभिन्न चरणों में हार के साथ बाहर हो चुके हैं।
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