ज्यूरिख में औसत प्रदर्शन के बाद भी नीरज से सर्वश्रेष्ठ की आस, टोक्यो पर टिकीं पूरे भारत की नजरें
भारत के दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा ज्यूरिख में खेले गई डायमंड लीग में उम्मीद के मुताबिक खेल नहीं दिखा सके और दूसरे स्थान पर ही रहे। इस लीग में नीरज अपने बेस्ट फॉर्म में नहीं दिखे। हालांकि उम्मीद जताई जा रही है कि नीरज वर्ल्ड चैंपियनशिप में अच्छा करेंगे।

नई दिल्ली, पीटीआई: विश्व एथलेटिक्स के उपाध्यक्ष आदिल सुमारिवाला ने स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में डायमंड लीग फाइनल में औसत प्रदर्शन करने के बावजूद टोक्यो में होने वाली विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दौरान स्टार भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की उम्मीद जताई।
दो बार के ओलंपिक पदक विजेता 27 साल के नीरज डायमंड लीग फाइनल में अपने सर्वश्रेष्ठ लय में नहीं दिखे। उन्होंने 85.01 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ दूसरा स्थान हासिल किया।
नीरज पर है भरोसा
सुमरिवाला ने एक कार्यक्रम के इतर कहा कि मुझे लगता है कि वह (नीरज) ठीक है। नीरज तब अच्छा प्रदर्शन करता है जब उसे वाकई अच्छा प्रदर्शन करना होता है। 85-86 मीटर बिलकुल भी बुरा नहीं है। उसने ओलंपिक में भी इसी दूरी से जीत हासिल की थी, बस हम नीरज की जीत के इतने आदी हो गए हैं। हम भूल जाते हैं कि यह एक खेल है और भाला फेंक एक जोखिम भरा खेल है।
भारतीय एथलेटिक्स संघ के इस पूर्व अध्यक्ष और मौजूदा प्रवक्ता ने कहा कि वेबर इस समय बहुत अच्छा थ्रो कर रहे हैं। वेबर ने अपनी सारी चीजें सही कर ली हैं, इसलिए वो अच्छा थ्रो कर रहे हैं। टोक्यो में उनके और नीरज के बीच अच्छा मुकाबला होगा। सुमरिवाला ने टोक्यो विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में देश के खिलाड़ियों से पिछले आयोजन के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि हम पिछले साल से बेहतर प्रदर्शन करेंगे, हमारे पास फाइनल में पहुंचने वाले ज्यादा खिलाड़ी होंगे।
नीरज हैं ओलंपिक मेडल की आस
हाल के समय में नीरज चोपड़ा भारत के उन खिलाड़ियों में गिने जाने लगे हैं जिनसे बड़े टूर्नामेंट में पदक की उम्मीद रहती है। नीरज ने ओलंपिक मेडल जीतने के साथ-साथ वर्ल्ड चैंपियनशिप और डायमंड लीग भी अपने नाम की है। हालांकि, बीते एक साल में वह बड़े मौकों पर अधिकतर बार गोल्ड से चूक गए। पेरिस ओलंपिक-2024 में वह गोल्ड के दावेदार थे लेकिन सिल्वर ही जीत पाए थे। फिर भी नीरज भारत की पदक की सबसे बड़ी उम्मीद हैं। अगले लास एंजिलिस ओलंपिक-2028 में वह पदक के बड़े दावेदार हैं।
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