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National Basketball: राष्ट्रीय सब जूनियर बास्केटबाल में उत्तर प्रदेश के बालकों का दबदबा, लगातार दूसरी बार चैंपियन

By Dharmendra PandeyEdited By: Dharmendra Pandey
Published: Fri, 10 Oct 2025 08:23 PM (IST)Updated: Fri, 10 Oct 2025 08:30 PM (IST)

50th Sub Junior National Basketball Championship: उत्तर प्रदेश की टीम बालक टीम राष्ट्रीय सब जूनियर बास्केटबाल चैंपियनशिप लगातार तीन वर्ष ...और पढ़ें

ट्राफी के साथ 50वीं राष्ट्रीय सब जूनियर बास्केटबाल चैंपियन उत्तर प्रदेश की टीम

ट्राफी के साथ 50वीं राष्ट्रीय सब जूनियर बास्केटबाल चैंपियन उत्तर प्रदेश की टीम

HighLights

  1. देहरादून में 50वीं चैंपियनशिप का खिताब किया अपने नाम

  2. उत्तर प्रदेश के साहिल को चैंपियनशिप का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी 

जागरण संवाददाता, लखनऊ: राष्ट्रीय सब जूनियर बास्केटबाल में उत्तर प्रदेश के बालकों का दबदबा कायम है। बीते वर्ष की चैंपियन उत्तर प्रदेश ने देहरादून में आयोजित 50वीं राष्ट्रीय सब जूनियर बास्केटबाल चैंपियनशिप के फाइनल में झारखंड को पराजित किया। उत्तर प्रदेश के साहिल को चैंपियनशिप का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किया गया।
उत्तर प्रदेश की टीम बालक टीम राष्ट्रीय सब जूनियर बास्केटबाल चैंपियनशिप लगातार तीन वर्ष से धमाकेदार प्रदर्शन कर रही है। दो बार चैंपियन बनी और एक बार उप विजेता। उत्तर-प्रदेश बास्केटबॉल एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ. सीमा शर्मा टीम के सभी सदस्य, कोच और सहयोगियों को बधाई देने के साथ दस-दस हजार रुपये देने की घोषणा की है।
फाइनल मैच में झारखंड के खिलाफ उत्तर प्रदेश के बालकों ने अंतिम क्षणों में छह अंक से पीछे रहने के बाद जोरदार वापसी की और 60-58 से जीत दर्ज की। फाइनल बहुत ही रोचक रहा, दोनो टीमें एक-दूसरे पर बढ़त बनाती और उतारती रहीं। तीन मिनट शेष रहते उत्तर प्रदेश की टीम छह अंक से पीछे थी। इसके बाद टीम ने जोरदार वापसी की और दो अंक से विजयश्री रही।
सेमीफाइनल मे शानदार प्रदर्शन करते हुए उत्तर प्रदेश ने हरियाणा को 84-60 और क्वार्टर फाइनल मुकाबले में कर्नाटक की टीम को 90-42 से पराजित किया था। इससे पहले चैंपियनशिप के पूल ए के लीग मैच में उत्तर प्रदेश ने महाराष्ट्र को 66-40 से, हरियाणा को 80-68 से, पंजाब को 89-50 और तमिलनाडु को 70-42 से पराजित कर पूल टाप किया। उत्तर प्रदेश सब-जूनियर टीम के कोच उमर मिर्ज़ा पिछले तीन वर्षों से लगातार टीम के साथ मेहनत कर रहे हैं और निरंतर पदक दिला रहे हैं।