संवादसूत्र, संबलपुर : महानदी पर संबलपुर-हीराकुद स्टेशन के बीच 70 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन रेल ब्रिज का काम अपने अंतिम चरण में है। दिसंबर महीने तक इसका निर्माणकार्य पूरा हो जायेगा और अगले वर्ष से नए ब्रिज पर रेल यातायात शुरू हो जाएगा। इस नए ब्रिज से सटा एक पुराना रेल ब्रिज भी है। ऐसे में दोनों ब्रिज पर रेल यातायात शुरू हो जाने से अप और डाउन रेल यातायात सुविधाजनक हो जाएगी। संबलपुर में पहली बार रेलगाड़ी 1893 में चली थी। झारसुगुड़ा से रोजाना एक पैसेंजर ट्रेन संबलपुर आती थी और वापस लौट जाती थी। तब संबलपुर से बरगढ़ के लिए कोई रेललाइन नहीं थी। साठ के दशक में इस मार्ग पर रेललाइन का निर्माण हुआ और वर्ष 1963 में संबलपुर से टिटिलागढ़ के बीच पहली बार ट्रेन चली। इससे पहले संबलपुर-बरगढ़ के बीच हीराकुद के पास महानदी पर पहला रेल ब्रिज का निर्माण हुआ था। बीते छह दशक के दौरान संबलपुर के विकास के साथ रेल यातायात में भी काफी सुधार हुआ है। वर्ष 1990 में संबलपुर रेल मंडल और 2003 में पूर्वतट रेल जोन के गठन के बाद संबलपुर स्टेशन समेत इस मंडल के अन्य स्टेशनों का भी विकास हुआ है। संबलपुर स्टेशन और इस मंडल के रास्ते रोजाना देश के कई बड़े शहरों के बीच ट्रेनों का परिचालन शुरू किया गया है। रेल ट्रैफिक भी काफी व्यस्त हो गया है। इसी के मद्देजनर संबलपुर- झारसुगुडा के बीच दोहरीकरण का कार्य कराया गया। अब संबलपुर-टिटिलागढ़ के बीच दोहरीकरण का कार्य शुरू किया गया है। करीब 182 किमी के इस दोहरीकरण के लिए 1300 करोड़ रुपये का खर्च बताया गया है। अबतक 70 किलोमीटर दोहरीकरण का कार्य पूरा हो चुका है तथा 2021 तक यह कार्य पूरा हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि वर्तमान संबलपुर के रास्ते रायगड़ा, कोरापुट, रायपुर, मुंबई, नांदेड, शिरडी साईं नगर, अहमदाबाद, जोधपुर, अमृतसर, विजयनगरम, विशाखापत्तनम, यशवंतपुर, अल्लापुजा, चेन्नई, टाटानगर, धनबाद, रांची, हावड़ा, नई दिल्ली, प्रयागराज, बनारस, कानपुर, आगरा, जम्मू तवी समेत अन्य कई बड़े शहरों के लिए साप्ताहिक, सुपर फास्ट, एक्सप्रेस ट्रेनों की आवाजाही होती है। इनमें से अधिकांश ट्रेनों को महानदी पर निर्माणाधीन नए-पुराने रेल ब्रिज के ऊपर से यातायात होगा।

Posted By: Jagran

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