मनरेगा में 2.20 करोड़ श्रम दिवस का लक्ष्य : पटेल
कोरोना महामारी के दौरान लोगों की आजीविका छिन गई है। इसे देखते हुए सुंदरगढ़ जिले में जॉब कार्ड धारकों को अधिक से अधिक काम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के जरिए दिया जा रहा है।

जागरण संवाददाता, राउरकेला : कोरोना महामारी के दौरान लोगों की आजीविका छिन गई है। इसे देखते हुए सुंदरगढ़ जिले में जॉब कार्ड धारकों को अधिक से अधिक काम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के जरिए दिया जा रहा है। जिले में विभिन्न 4,615 योजनाओं पर काम शुरू किया गया है। वित्त वर्ष 2020-21 में जिले में 1.41 करोड़ कार्य दिवस का सृजन किया गया था। वित्त वर्ष 2021-22 में 2.20 करोड़ कार्य दिवस सृजन का लक्ष्य है। आर्थिक वर्ष में 18 मई तक 15,38,313 कार्य दिवस सृजन की जानकारी जिला ग्राम्य विकास विभाग के परियोजना निदेशक भैरव सिंह पटेल ने दी है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में काम करने वालों में 49 फीसद महिलाएं हैं। कोरोना काल में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को काम देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पिछले वाल मनरेगा में अधिक कार्य दिवस का सृजन व अच्छा काम होने के कारण सरकार की ओर से इस साल अधिक अनुदान मिला है। जॉब कार्ड धारकों को कम से कम सौ दिन का काम मिलने से भी उनकी आर्थिक हालत में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि जिले के सभी 17 ब्लाक में मनरेगा का काम शुरू किया गया है। इसमें सड़क निर्माण, तालाब खनन, जल संरक्षण, पुराने तालाब से मिट्टी की निकासी, सिचाई के लिए बांध व नहर निर्माण, गोचर जमीन का विकास, मेरा उपकारी बगीचा, कुआं खनन आदि का काम भी किया जा रहा है। पिछले साल श्रमिकों को दैनिक 215 रुपये मजदूरी मिली थी। इस साल 93 रुपये अधिक यानी 308 रुपये दिए जा रहे हैं। जिला खनिज कोष से यह राशि खर्च की जा रही है। जीविका मिशन में महिला सशक्तीकरण के लिए मुर्गा पालन, बकरी पालन, बागीचा का विकास के अलावा अन्य योजनाओं पर काम किया जा रहा है। सुंदरगढ़ जिले के खान बहुल छह ब्लाक में खुली जमीन पर विभिन्न प्रकार के फलदार पौधे लगाने की योजना चल रही है। इस योजना में भी जॉब कार्ड धारकों को काम दिया जा रहा है।
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