जागरण संवाददाता, राउरकेला : सोमवार, 22 मार्च को विश्व जल दिवस मनाया गया। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पानी की एक- एक बूंद को सहेजने के लिए देशवासियों को संदेश देने के साथ पानी की समस्या का समाधान करने के लिए जल शक्ति अभियान की शुरुआत की। यह अभियान 30 नवंबर तक चलेगा। वहीं, विश्व जल दिवस के अवसर पर इसका दूसरा पहलू, राउरकेला रेलवे स्टेशन में पानी की बर्बादी का देखने को मिला। एक ओर प्रधानमंत्री पानी की एक-एक बूंद बचाने के लिए अभियान चला रहे है। वहीं, सोमवार को रेलकर्मियों की लापरवाही के कारण राउरकेला स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या-1 और 2 के बीच पाइप के टेब को घंटों खुला छोड़ देने के कारण हजारों लीटर पानी की बर्बादी होती रही। इस दौरान स्टेशन में मौजूद रेलकर्मियों में से किसी ने भी खुले टेब को बंद करने की जहमत नहीं उठायी और ना ही प्लेटफार्म पर मौजूद यात्रियों ने। हालांकि कुछेक यात्रियों ने पानी बहता देख टेब को बंद करने का मन बनाया लेकिन वहां तैनात आरपीएफ के जवानों के भय से वे भी पीछे हट गए। जबकि अक्सर यात्री ट्रेनों में पानी खत्म होने के कारण यात्रियों को परेशान होते देखा जाता है। गर्मी के इस मौसम में कई स्टेशनों में पानी की व्यवस्था नहीं होने से ट्रेनों को आगे के स्टेशन में लेने की बात कही जाती है। ऐसे में राउरकेला स्टेशन में विश्व जल दिवस के अवसर पर महज टेब बंद करने की जहमत नहीं उठाने से हजारों लीटर पानी की बर्बादी, कहीं से भी उचित नहीं मानी जा सकती है।

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