जागरण संवाददाता, राउरकेला : बिहार राज्य से ओडिशा के विभिन्न जिलों में काम करने के लिए मजदूरों का पलायन जारी है। विगत एक माह में 20 नाबालिगों को राउरकेला स्टेशन में दलालों के चुंगल से बचाया गया है। इसी क्रम में शनिवार की सुबह 11 बजे साउथ बिहार एक्सप्रेस ट्रेन से दो नाबालिग समेत तीन अधेड़ राउरकेला स्टेशन में उतरे। ये सभी सुंदरगढ़ जिला अंर्तगत कोइड़ा में सड़क निर्माण कार्य में रोजगार के लिए आए थे। स्टेशन में कोविड़ जांच के लिए नियुक्त सिविल डिफेंस के कर्मियों के द्वारा जब इनसे नाम-पता आदि को लेकर पूछताछ की गई तब इन लोगों ने बताया कि एक व्यक्ति से बात हुई थी। उसी के कहने पर कोइड़ा में सड़क निर्माण में काम करने के लिए आए है। अपना पता बिहार के चंपारण जिला के नारकाटी और भुवेनवाड़ा गांव बताया। इनमें दो नाबालिग समेत तीन अधेड़ शामिल थे। संदेह के आधार पर सिविल डिफेंस के कर्मियों ने सभी को जीआरपी को सौंप दिया। इस संबंध में जीआरपी एक मामला दर्ज कर दोनों नाबालिगों को चाइल्ड लाइन के हवाले कर दिया। अन्य तीन अधेड़ से राउरकेला जीआरपी पूछताछ कर रही है। कटक में तीन बैग गांजा के साथ बंगाल की महिला गिरफ्तार : कटक रेलवे स्टेशन पर सामान स्कैनर के दौरान तीन बैग गांजा के साथ पश्चिम बंगाल के वर्धमान जिले की इंदु तिवारी उर्फ मीना सिंह (उम्र 46 साल) को महिला आरपीएफ ने गिरफ्तार कर जीआरपी के हवाले कर दिया। इंदु पिछले 5 जुलाई को पुरी-हावड़ा एक्सप्रेस से कटक स्टेशन आई थी और यहां पर एक होटल में ठहरी थी। सात जुलाई की रात 8 बजे स्टेशन के पास एक युवक ऑटो में आकर उसे तीन बैग गांजा देकर चला गया। उस युवक का मुंह मास्क से ढका हुआ था। इस गांजा को राउरकेला पहुंचाने के बाद इंदु को पांच हजार रुपये मिलने थे। इसके लिए वह तस्करी कर रही थी। सूचना पर आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार के निर्देश पर सब इंस्पेक्टर रोजी महानंदा, कांस्टेबल रीता दास आरोपित महिला को पकड़ कर जीआरपी थाना पुलिस को सौंप दिया। जीआरपी थाना इंस्पेक्टर उमाशंकर विश्वाल की अगुवाई में सब इंस्पेक्टर पूर्णचंद साहू मामले की छानबीन कर रहे हैं।

Edited By: Jagran