यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 04, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नवजात को लेने वाली आंगनबाड़ी कर्मी सीडब्ल्यूसी में पेश
कोरोना से मां की मौत के बाद नवजात को अवैध तरीके से गोद लेने वाली आंगनबाड़ी कर्मी की पहचान चाइल्ड लाइन के द्वारा कर ली गई है।

जागरण संवाददाता, राउरकेला : कोरोना से मां की मौत के बाद नवजात को अवैध तरीके से गोद लेने वाली आंगनबाड़ी कर्मी की पहचान चाइल्ड लाइन के द्वारा कर ली गई है। नवजात को लेकर कर्मी चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के अध्यक्ष रामचंद्र बेहरा के समक्ष पेश की गई तथा इस मामले की जांच शुरू की गई है। आंगनबाड़ी कर्मी सोमवार को फिर से सीडब्ल्यूसी के समक्ष पेश होगी एवं उससे पूछताछ की जाएगी।
नुआगांव क्षेत्र की एक युवती की शादी गंजूटोला में हुई थी। वह गर्भवती थी एवं अचानक उसकी तबीयत खराब होने पर परिवार के लोग उसे राउरकेला स्थित शांति मेमोरियल अस्पताल ले आए। यहां जांच में उसके कोरोना संक्रमित होने का पता चला। 2 मई को उसने एक बेटी को जन्म दिया एवं दूसरे दिन यानी 3 मई को उसकी मौत हो गई। नवजात की रिपोर्ट निगेटिव थी। इस कारण परिवार के लोग उसे घर लेकर चले गए। इसकी सूचना मिलने पर आंगनबाड़ी में काम करने वाली उदितनगर ओरामपाड़ा की महिला वहां पहुंची और और परिवार के लोगों को समझा कर नवजात को अपने साथ ओरामपाड़ा ले आई। लोगों से इसकी सूचना चाइल्ड लाइन को मिलने पर इसकी जांच शुरू की एवं ओरामपाड़ा निवासी महिला का पता लगा लिया गया। शनिवार को नवजात के साथ महिला को सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष रामचंद्र बेहरा के समक्ष पेश किया गया। अवैध तरीके से गोद लेने के कारण महिला संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई। महिला ने कोर्ट के नोटरी के जरिए गोद लेने के संबंधित राजीनामा बनवाया है जिसे सीडब्ल्यूसी ने अवैध बताया है। सोमवार को महिला फिर सीडब्ल्यूसी के समक्ष पेश की जाएगी तथा मामले पर विचार करने के बाद नवजात चाइल्ड लाइन के हवाले करने की बात अध्यक्ष रामचंद्र बेहरा ने कही है।