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    त्रिस्तरीय सुरक्षा के बीच गुंडिचा मंदिर में तोड़ दिए 20 से ज्‍यादा चूल्‍हे, जांच में जुटा प्रशासन

    By Babita KashyapEdited By:
    Updated: Sat, 02 Jul 2022 02:11 PM (IST)

    Puri Jagannath Temple पुरी गुंडिचा मंदिर में कुछ अज्ञात लोगों ने तोड़ दिए अबड़ा प्रसाद के लिए बनाए गए 20 से अधिक चूल्हे। ये चूल्‍हे पांच दिन पहले बनाए गए थे। सभी चूल्‍हे हाथ से तोड़े गए हैं। प्रशासन जांच में जुटा हुआ है।

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    Puri Jagannath Temple: त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद गुंडिचा मंदिर के 20 से अधिक चूल्‍हों को तोड़ दिया है।

    पुरी, जागरण संवाददाता। पुरी जगन्नाथ धाम विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा को लेकर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद गुंडिचा मंदिर के अन्दर आड़प अबड़ा प्रसाद के लिए कुछ सेवकों द्वारा बनाए गए 20 से अधिक चूल्हों को तोड़ दिए जाने की घटना सामने आयी है। चूल्हा तोड़े जाने की खबर सामने आने के बाद सेवकों में आक्रोश का माहौल देखा गया है। सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच कर घटना की छानबीन कर रहे हैं। सेवकों का कहना है कि इन चूल्हों को हम सेवक भाइयों में से ही किसी ने तोड़ा है क्योंकि बाहर से कोई व्यक्ति यहां नहीं जा सकता।

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    मिली जानकारी के मुताबिक पांच दिन पहले इन चूल्हों को बनाया गया था, जिसे पिछली रात में कुछ अज्ञात लोगों ने तोड़ दिया है। सुआर सेवक हरिहर महापात्र ने कहा है कि आज सुबह हमें खबर मिली कि चूल्हे को तोड़ दिया गया है। आड़प अबड़ा बनाने के लिए यह चूल्हा बनाया गया था।

    सात सुआर सेवकों ने पांच दिन में बनाये थे 20 चूल्हे

    नारायण महासुआर ने कहा है कि किसने यह काम किया है, वह पता नहीं है। मगर 20 से अधिक चूल्हे तोड़ दिए गए हैं। सूचना मिलने के बाद जिले के आला अधिकारी मौके पर पहुंच कर घटना की छानबीन कर रहे हैं। एक सेवक ने कहा है कि हम सात सुआर सेवकों ने मिलकर 20 चूल्हे को पांच दिन पहले बनाया था। यहां कुल 752 चूल्हा है, जिसमें से हमारे 20 चूल्हे को तोड़ा गया है।

    एक चूल्हे को बनाने में आता है इतना खर्च

    यह चूल्हा हमारे सेवक भाइयों ने ही तोड़ा है। एक चूल्हे को बनाने के लिए 3 से 4 हजार रुपया खर्च होता है। वर्तमान चूल्हों को ठीक किया जा रहा है। सेवक सुपकार दिनसुबुद्धि ने कहा है कि मेरे एक चूल्हे को तोड़ा गया है। किसी ने हाथ से इन चूल्हे को तोड़ा है। इस पर भात (अन्न) बनाया जाना था। हमारे इस एक चूल्हे पर 6 हांडी रखने की व्यवस्था थी। वहीं रथयात्रा देखने के आए भक्तों का कहना है कि ऐसा करना ठीक नहीं है। भगवान के दरबार में आकर इस तरह का कार्य ठीक नहीं है, ऐसा नहीं करना चाहिए। एक भक्त ने कहा है ऐसा करना किसी भी कीमत पर उचित नहीं है।

    गौरतलब है कि कुछ महीने पहले पुरी जगन्नाथ मंदिर के पाकशाला में कुछ चूल्हों को तोड़ दिया गया था। बाद में एक इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि अब रथयात्रा के समय पुन: चूल्हे को तोड़ने की घटना सामने आयी है, जिसे लेकर भक्तों में चर्चा हो रही है। किसने और क्यों इन चूल्हों को तोड़ा है, वह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।