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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 05, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सरकारी क्‍वार्टर में महिला पुलिस अधिकारी से दुष्‍कर्म, न FIR लिखी और न जांच हुई; साढ़े चार साल बाद क्राइम ब्रांच ने एक्‍शन लिया

Published: Mon, 05 Feb 2024 03:32 PM (IST)

Odisha female police officer molestation case जानकारी के मुताबिक साल 2019 में गंजाम जिला में आईआईसी में रहने वाले रमेश ...और पढ़ें

सरकारी क्वार्टर में महिला पुलिस अधिकारी के साथ दुष्कर्म मामले की जांच शुरू।
सरकारी क्वार्टर में महिला पुलिस अधिकारी के साथ दुष्कर्म मामले की जांच शुरू।

संवाद सहयोगी, कटक। ओडिशा पुलिस में कार्य करने वाली एक महिला पुलिस सब इंस्पेक्टर के साथ दुष्कर्म किए जाने के मामले में जांच शुरू हो गई है। महिला सब इंस्पेक्टर ने एक इंस्पेक्टर पर दुष्‍कर्म करने का आरोप लगाया। बता दें कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के निर्देश पर क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की है।

जानकारी के मुताबिक, साल 2019 में गंजाम जिला में आईआईसी में रहने वाले रमेश कुमार प्रधान के अधीन एक महिला सब इंस्पेक्टर कार्य कर रही थी। महिला सब इंस्पेक्टर ने रमेश कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके मुताबिक, रमेश उसे  जून 27, 2019 को अपने क्वार्टर में ले गए, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया।

 हालांकि, उस वक्त पीड़िता की शिकायत को किसी ने भी स्वीकार नहीं किया था। यहां तक कि पीड़ित महिला पुलिस अधिकारी ओडिशा पुलिस के आला अधिकारी और विभिन्न फोरम में भी फरियाद करने पहुंची थी, लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनी। उल्टा शिकायत को वापस लेने के लिए गंजाम पुलिस की ओर से उस पर दबाव डाला गया था।

पीड़ित महिला पुलिस अफसर हर तरफ से निराश होने के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) गई और वहां एक याचिका दायर की थी।

आयोग ने उसकी याचिका को सुनने के पश्चात एक मामला दर्ज कर घटने की जांच पड़ताल करने के लिए ओडिशा पुलिस डीजी (पुलिस महानिदेशक) को निर्देश दिया।

इसके बाद पुलिस डीजी प्रभारी अरुण षड़ंगी ने इस घटना की छानबीन करने के लिए क्राइम ब्रांच को निर्देश दिए। क्राइम ब्रांच इस मामले में शिकायत के आधार पर आरोपी पुलिस इंस्पेक्टर रमेश प्रधान के खिलाफ भादवि की धारा 376 के तहत मामला दर्ज किया गया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है।

इस घटना की जांच की जिम्मेदारी क्राइम ब्रांच डीएसपी कल्पना साहू को दी गई है। आरोपी पुलिस अधिकारी अब कंधमाल जिला फिरिंगीआ थाना में आईआईसी के तौर पर कार्य कर रहा है। यह पुलिस अधिकारी वर्ष 2022 में केंद्र गृहमंत्री मेडल से सम्मानित भी हो चुका है।

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