यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Puri Jagannath Temple: ASI की उच्च स्तरीय टीम करेगी रत्न भंडार का निरीक्षण, पुरानी सूची से होगी गहनों की तुलना
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की एक उच्च स्तरीय टीम भगवान जगन्नाथ के खजाने की मरम्मत और नवीनीकरण कार्य शुरू करने ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की एक उच्च स्तरीय टीम भगवान जगन्नाथ के खजाने की मरम्मत और नवीनीकरण कार्य शुरू करने से पहले पुरी जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार का निरीक्षण कार्य शुरू करेगी।
केन्द्रीय मंत्री के मुताबिक गहनों की पुरानी और मौजूदा सूची की तुलना की जाएगी। उसके बाद ही यह पता चल सकेगा कि सब कुछ सही है।
प्रधान ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुभद्रा योजना का शुभारंभ करने के लिए 17 सितंबर को ओडिशा का दौरा कर रहे हैं।
एएसआई करेगी निरीक्षण
प्रधान ने कहा कि ओडिशा सरकार ने पुरी रत्न भंडार में निरीक्षण कार्य के लिए एएसआई को आमंत्रित किया है। रत्न भंडार का निरीक्षण कार्य शीघ्र ही एक उच्च स्तरीय समिति द्वारा कराया जाएगा। गिनती का काम मौजूदा सरकार इसलिए करा रही है, ताकि यह पता चल सके कि सब कुछ सही है या नहीं।
इसके लिए पुरानी और वर्तमान सूची का मिलान किया जाएगा। विशेष रूप से आंतरिक और बाहरी रत्न भंडार के कीमती सामान को दो चरणों में अस्थायी स्ट्रॉन्ग रूम में स्थानांतरित कर दिया गया है। अगले चरण में खाली संदूक और अलमारियां भी स्थानांतरित कर दी गई हैं।
स्कैनिंग के बाद होगा मरम्मत का कार्य
इसके बाद, एएसआई यह पता लगाने के लिए रत्न भंडार की जांच करेगा कि क्या कोई और कीमती सामान या खजाना मौजूद है। आवश्यक स्कैनिंग पूरी होने के बाद मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा।
गौरतलब है कि श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) पहले ही रत्न भंडार का निरीक्षण कार्य शुरू करने के लिए एएसआई को पत्र लिख चुका है।
