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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 26, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jagannath Rath Yatra: हजारों भक्तों ने महाप्रभु के नव यौवन वेश का किया दर्शन, सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम

By Sheshnath RaiEdited By: Piyush Pandey
Published: Thu, 26 Jun 2025 12:18 PM (IST)Updated: Thu, 26 Jun 2025 12:29 PM (IST)

Jagannath Rath Yatra: रथ यात्रा से एक दिन पहले पुरी में श्री जगन्नाथ मंदिर में नव यौवन दर्शन और नेत्रोत्सव ...और पढ़ें

रथ यात्रा को लेकर लोगों की जुटी भीड़। (जागरण)

रथ यात्रा को लेकर लोगों की जुटी भीड़। (जागरण)

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। रथ यात्रा से एक दिन पहले, तीर्थ शहर पुरी में गुरुवार को श्री जगन्नाथ मंदिर में पवित्र नव यौवन दर्शन और नेत्रोत्सव अनुष्ठानों के लिए हजारों तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ देखी गई।

भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा ने 15 दिनों के एकांत के बाद आज अपने भक्तों को दर्शन दिया है।

मंदिर की परंपरा के अनुसार, स्नान पूर्णिमा के दिन 108 घड़ा शीतल सुगंधित जल से स्नान करने के बाद भगवान बीमार पड़ जाते हैं और भक्तों को उनका दर्शन नहीं मिलता है।

भगवान स्वस्थ होने के बाद आज अपने नव यौवन वेश में भक्तों को दर्शन दिए है। ऐसे में हजारों की संख्या में भक्तों ने आज भगवान का दर्शन किए। वहीं, भक्तों की सुरक्षा के मद्देनजर बड़दांड में सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए गए थे।

गौरतलब है कि नवयौवन दर्शन के दिन भगवान को उनके युवा रूपों में सजाया जाता है। नेत्रोत्सव के हिस्से के रूप में, उनकी आंखों को प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और पारंपरिक पेंट्स का उपयोग करके औपचारिक रूप से बहाल किया जाता है, जो उनकी दिव्य दृष्टि और जीवन शक्ति की वापसी का प्रतीक है।

नव यौवन वेश को एक दुर्लभ माना जाता है, जहां देवता लगभग नई बनी मूर्तियों की तरह ताजा, जीवंत और उज्ज्वल दिखाई देते हैं। भक्तों का मानना है कि यह रूप विशेष आशीर्वाद प्रदान करता है, क्योंकि यह आगामी रथ यात्रा के लिए भगवान की कल्याण और तत्परता की वापसी का प्रतीक है।