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ओडिशा: कालाहांडी में वेदांता किसानों को 'अपग्रेड' कर रही है, 41 गांवों में 'प्रोजेक्ट संगम' से लाभ का दावा

Published: Sun, 18 Oct 2026 12:41 PM (IST)

वेदांता एल्युमीनियम ने कालाहांडी जिले के 33 गांवों में कृषि मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए 338 इलेक्ट्रिक स्प्रेयर वितरित ...और पढ़ें

वेदांता ने बांटे 338 इलेक्ट्रिक स्प्रेयर, किसानों को मिली आधुनिक खेती की सौगात।

वेदांता ने बांटे 338 इलेक्ट्रिक स्प्रेयर, किसानों को मिली आधुनिक खेती की सौगात।

HighLights

  1. वेदांता ने कालाहांडी के 33 गांवों में 338 इलेक्ट्रिक स्प्रेयर बांटे।

  2. 'प्रोजेक्ट संगम' के तहत कृषि मशीनीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है।

  3. किसानों का समय बचेगा और खेती अधिक उत्पादक बनेगी।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। टिकाऊ ग्रामीण विकास और किसानों की आजीविका मजबूत करने की दिशा में वेदांता एल्युमीनियम ने ओडिशा के कालाहांडी जिले में कृषि मशीनीकरण को बढ़ावा दिया है। कंपनी ने अपनी सीएसआर पहल ‘प्रोजेक्ट संगम’ के तहत जिले के 33 गांवों में किसानों के बीच 338 इलेक्ट्रिक स्प्रेयर वितरित किए हैं।

एक्शन फॉर फूड प्रोडक्शन (एएफपीआरओ) के सहयोग से शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य आधुनिक कृषि उपकरणों के माध्यम से खेती को अधिक आसान, प्रभावी और उत्पादक बनाना है।

इलेक्ट्रिक स्प्रेयर मिलने से किसानों को कीटनाशकों के छिड़काव में लगने वाले समय और शारीरिक श्रम से राहत मिलेगी। पारंपरिक हाथ से चलने वाले स्प्रेयर से एक एकड़ खेत में छिड़काव करने में चार से छह घंटे लगते थे।

वहीं, इलेक्ट्रिक स्प्रेयर की मदद से यही काम दो से तीन घंटे में पूरा किया जा सकता है। इससे छिड़काव में लगने वाला समय लगभग 40 से 50 प्रतिशत तक कम होगा। बैटरी से चलने वाले इन स्प्रेयर में मैनुअल बैकअप की सुविधा भी है।

इनकी स्टेडी-प्रेशर तकनीक से फसलों पर समान रूप से छिड़काव किया जा सकता है। इससे पानी और कीटनाशकों की बर्बादी कम होने के साथ फसलों की सुरक्षा भी बेहतर होगी। इन उपकरणों का इस्तेमाल अनाज, सब्जियों और फलदार पौधों सहित विभिन्न फसलों में किया जा सकता है।

वेदांता एल्युमीनियम के एलुमिना कारोबार के सीईओ प्रणब कुमार भट्टाचार्य ने कहा कि कंपनी आधुनिक कृषि उपकरणों के माध्यम से किसानों की उत्पादकता बढ़ाने, संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने और उनकी मेहनत कम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

कंपनी के अनुसार, प्रोजेक्ट संगम अब तक 41 गांवों के 9,000 से अधिक लोगों को लाभ पहुंचा चुका है। इसके तहत 1,700 एकड़ भूमि में सिंचाई की सुविधा विकसित करने के साथ जल सुरक्षा, जलवायु अनुकूल खेती, महिला उद्यमिता और टिकाऊ ग्रामीण आजीविका को भी प्रोत्साहित किया गया है।

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