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    Odisha News: फकीर मोहन कॉलेज पहुंचा तीन सदस्यीय जांच दल, निलंबित प्रिंसिपल से करेंगे बात

    Updated: Sun, 13 Jul 2025 03:47 PM (IST)

    बालेश्वर के फकीर मोहन महाविद्यालय में एक छात्रा ने कॉलेज प्रशासन द्वारा शिकायत न सुनने पर खुद को आग लगा ली। भुवनेश्वर के एम्स में उसका इलाज चल रहा है। राज्य सरकार ने घटना की जांच के लिए तीन वरिष्ठ सदस्यों का दल गठित किया है जो बालेश्वर पहुंचकर जांच कर रहा है। मुख्यमंत्री मोहन चारण माझी ने पीड़िता से मुलाकात की।

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    प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)

    जागरण संवाददाता, बालेश्वर। बालेश्वर के फकीर मोहन स्वयं शासित महाविद्यालय में पढ़ने वाली एक छात्रा की आवाज को, उसके दुख और दर्द को, उसकी सच्चाई को, लिखित अनुरोध करने के बाद भी महाविद्यालय प्रशासन ना सुनने के कारण आखिरकार बीते कल उस छात्रा ने अपने आप को आग के हवाले कर दिया।

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    भुवनेश्वर के एम्स चिकित्सालय में जिंदगी और मौत के बीच आज वह संग्राम कर रही है, इस घटना की जांच के लिए राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े तीन वरिष्ठ सदस्यों का एक दल बीते कल गठित किया था।

    बालेश्वर पहुंचा जांच दल

    यह दल आज बालेश्वर के फकीर मोहन महाविद्यालय में पहुंचा। इस दल में उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक, उच्च शिक्षा विभाग के शह निदेशक तथा एक महिला प्रोफेसर शामिल है, यह तीनों वरिष्ठ अधिकारी उक्त घटना के जांच करेंगे तथा राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।

    इन अधिकारियों की माने तो प्रत्येक विषय का प्रत्येक बिंदु से जांच किया जाएगा तथा पहले हम महाविद्यालय के निलंबित प्राचार्य से बात करेंगे,उसके बाद महाविद्यालय की जो कमेटी है उनके सदस्यों से बात करेंगे, इसके बाद B.Ed पढ़ने वाले छात्र और छात्राओं से बात करेंगे।

    इन वरिष्ठ सदस्यों ने इतना ही कहा तथा यह भी कहा कि अभी हम पहुंचे हैं तथा बातचीत के बाद क्या होता है उसका हम मीडिया के सामने कुछ भी खुलासा नहीं कर पाएंगे लेकिन हमारी पूरी उम्मीद रहेगी कि उक्त छात्रा को न्याय मिले।

    सीएम ने की मुलाकात

    वहीं, दूसरी ओर उड़ीसा के मुख्यमंत्री मोहन चारण माझी ने आज भुवनेश्वर के एम्स चिकित्सालय में जाकर पीड़िता का हाल-चाल जाना था तथा उन्होंने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा था कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी इन्हें किसी भी हाल में बक्शा नहीं जाएगा।

    अगले 48 घंटे बेहद अहम

    वहीं, एम्स के डॉक्टरों ने कहा है कि आगामी 48 घंटे इलाजरत छात्रा के लिए अति महत्वपूर्ण है।  एम्स भुवनेश्वर के डॉक्टरों ने बताया कि उसके महत्वपूर्ण अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। छात्रा 90 प्रतिशत जल चुकी है। 

    एम्स भुवनेश्वर के कार्यकारी निदेशक आशुतोष बिस्वास ने बताया कि छात्रा की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। उन्हें एक विशेष आईसीयू वार्ड में वेंटिलेटर पर रखा गया है। कई विभागों के डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं।