ओडिशा का मशहूर नेशनल पार्क पर्यटकों के लिए खुला, हर रोज 60 वाहनों को मिलेगी एंट्री; फोन ले जाने पर बैन
विश्व प्रसिद्ध सिमिलिपाल नेशनल पार्क पर्यटकों के लिए खुल गया है, जहां प्रकृति प्रेमी वन्यजीवों और झरनों का आनंद ले ...और पढ़ें

सिमिलिपाल नेशनल पार्क में पर्यटकों की एंट्री। फोटो जागरण
HighLights
सिमिलिपाल नेशनल पार्क पर्यटकों के लिए आज से खुला।
प्रवेश के लिए वाहनों की संख्या और समय निर्धारित।
कोर एरिया में मोबाइल फोन उपयोग पर प्रतिबंध।
जागरण संवाददाता, मयूरभंज। प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए विश्व प्रसिद्ध सिमिलिपाल नेशनल पार्क आज से खोल दिया गया है। पर्यटन सीजन शुरू होने के साथ ही पर्यटकों को सिमिलिपाल के मनमोहक प्राकृतिक वातावरण, हरियाली, झरनों और वन्यजीवों के आकर्षण का आनंद उठाने का अवसर मिलेगा।
पर्यटकों की सुविधा और वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सिमिलिपाल प्रबंधन की ओर से प्रवेश के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रतिदिन अधिकतम 60 चारपहिया वाहनों को सिमिलिपाल के अंदर प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। केवल उन्हीं वाहनों को प्रवेश मिलेगा, जिनका ग्राउंड क्लीयरेंस 180 मिलीमीटर या उससे अधिक होगा।
जशीपुर के कालियामी प्रवेश द्वार से 35 वाहन तथा बारीपदा की ओर से पीठाबटा (लुलुंग) चेक गेट के माध्यम से 25 वाहनों को प्रवेश की अनुमति मिलेगी।
पीठाबटा गेट पर सुबह 8 बजे से 9 बजे तक तथा जशीपुर गेट पर सुबह 5 बजे से 9 बजे के बीच प्रवेश करना अनिवार्य होगा। सभी पर्यटकों को शाम 6 बजे से पहले निकास द्वार से बाहर निकलना अनिवार्य है।
इसी तरह, सिमिलिपाल के प्रमुख आकर्षण जोरांदा और बरेहीपानी जलप्रपात देखने जाने वाले पर्यटकों को दोपहर 4 बजे तक वहां से निकलना होगा।
दूसरी ओर, पर्यटकों को सिमिलिपाल के जंगलों के प्राकृतिक वातावरण का नजदीक से अनुभव कराने के लिए वन विभाग की ओर से ओपन जीप वाइल्डलाइफ सफारी की व्यवस्था की गई है।
इसके साथ ही रात्रि विश्राम की सुविधा भी उपलब्ध है। कुमारी, गुड़गुड़िया, तालबंध, बरेहीपानी और जामुआणी स्थित कॉटेज में ठहरने के लिए वेबसाइट के माध्यम से अग्रिम ऑनलाइन बुकिंग करानी होगी।
पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए इस बार प्रवेश द्वार के पास एक सिमिलिपाल कैफे भी खोला गया है। यहां स्थानीय व्यंजनों के स्वाद के साथ-साथ विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा पर्यटकों की सहायता के लिए नियुक्त नेचर गाइडों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है।
फोन पूरी तरह से बैन
सुप्रीम कोर्ट और एनटीसीए (राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि, बफर और परिधीय क्षेत्रों में मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया जा सकता है।
कोर एरिया में केवल डीएसएलआर, ब्रिज कैमरा या मिररलेस कैमरे का इस्तेमाल किया जा सकेगा, जबकि मोबाइल कैमरे से तस्वीरें लेना प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा प्लास्टिक कचरे और ध्वनि प्रदूषण पर भी सख्त प्रतिबंध लगाए गए हैं। सिमिलिपाल दक्षिण वन्यजीव प्रभाग के उपनिदेशक सुमित कुमार कर ने यह जानकारी दी।
वहीं, पर्यटन सीजन के पहले दिन ही सिमिलिपाल घूमने पहुंचे पर्यटकों में काफी उत्साह देखने को मिला। पर्यटक सुमित पटनायक, डॉ. सोनाली मुखर्जी और दीपायन मुखर्जी सहित अन्य पर्यटकों ने अपनी खुशी जाहिर की।
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