होटल में अकेले मिलने बुलाया, मोबाइल पर भेजे अश्लील मैसेज; ओडिशा के जेल डीजी पर यौन उत्पीड़न का आरोप
ओडिशा के जेल डीजी सुशांत कुमार नाथ पर पूर्व जेलर ने यौन उत्पीड़न, धमकी और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप ...और पढ़ें
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जेल डीजी सुशांत कुमार नाथ पर उत्पीड़न का आरोप। फाइल फोटो
HighLights
जेल डीजी सुशांत नाथ पर यौन उत्पीड़न का आरोप।
पूर्व जेलर संतोषिनी दाश ने दर्ज कराई प्राथमिकी।
आरोपों के बाद डीजी का गृह विभाग में तबादला।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा पुलिस के डीजी पद की दौड़ में शामिल वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी एवं विवादों में घिरे जेल डीजी सुशांत कुमार नाथ की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न, धमकी देने और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए चौद्वार थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
यह शिकायत चौद्वार सर्किल जेल की पूर्व महिला जेलर ने दर्ज कराई है। आरोप है कि जेल डीजी ने अपने मित्र कुलदीप रथ के माध्यम से उन्हें दो बार कटक के अलग-अलग होटलों में रात के समय अकेले मिलने के लिए बुलाया था।
उनके इनकार करने पर कथित रूप से उन्हें निशाना बनाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। इस बीच, सोमवार को सुशांत कुमार नाथ का तबादला कर उन्हें गृह विभाग में ओएसडी नियुक्त कर दिया गया है।
की ओर से चौद्वार थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, 16 जून 2025 को जेल डीजी सुशांत कुमार नाथ चौद्वार सर्किल जेल के दौरे पर आए थे। उस समय संतोषिनी अवकाश पर थीं।
18 जुलाई 2025 को ड्यूटी पर लौटने के बाद जेल अधीक्षक के निर्देश पर उन्होंने जेल डीजी को फोन किया था। बातचीत के दौरान नाथ ने बताया कि उनके मित्र कुलदीप रथ जेल का दौरा करने आने वाले हैं और उनके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएं।
आरोप है कि कुलदीप रथ चौद्वार जेल पहुंचे और निरीक्षण के बाद संतोषिनी के साथ तस्वीर खिंचवाई। इसके बाद उन्होंने संतोषिनी का मोबाइल नंबर लेकर उन्हें तस्वीर भेजी। शिकायत में कहा गया है कि तस्वीर के साथ कुलदीप ने अश्लील इशारों वाले संदेश भी भेजे थे।
संतोषिनी के मुताबिक, 29 अगस्त 2025 को कुलदीप ने उन्हें फोन कर कटक के ब्लास्ट नामक रेस्टोरेंट में रात्रिभोज के लिए अकेले स्कूटी से आने को कहा। उन्होंने होटल की लोकेशन भी भेजी। संतोषिनी ने जब आने से मना कर दिया तो कुलदीप ने कहा कि सुशांत भाई (जेल डीजी सुशांत नाथ) उनसे अकेले मिलना चाहते हैं।
इसके बाद 25 सितंबर 2025 को कुलदीप ने दोबारा फोन कर उन्हें होटल प्रमोद में रात्रिभोज के लिए बुलाया। इस बार भी जेल डीजी की ओर से अकेले मिलने की इच्छा जताए जाने पर उन्होंने इनकार कर दिया।
मामला वापस लेने के लिए दबाव बनाने का आरोप
प्राथमिकी के अनुसार, इसके बाद से संतोषिनी को कथित रूप से निशाना बनाया जाने लगा। चौद्वार सर्किल जेल से बिहार के दो अपराधियों के फरार होने के मामले में जेल अधीक्षक सुजीत कुमार राउल की अग्रिम जमानत ओडिशा हाईकोर्ट से खारिज होने के बाद जेल डीजी ने किसी अन्य व्यक्ति के फोन से संतोषिनी को संपर्क किया और डीजी कार्यालय बुलाया।
संतोषिनी का आरोप है कि वह सात और आठ सितंबर 2026 को डीजी कार्यालय गई थीं। वहां सुशांत नाथ ने उनसे कहा कि उनके व्यवहार, कुलदीप के माध्यम से व्यक्तिगत मुलाकात के प्रस्ताव को ठुकराने और जेल अधीक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के कारण उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की गई है। उन्होंने कथित रूप से यह भी कहा कि यदि वह उनसे मिलने आ जातीं तो उन्हें इन परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता।
संतोषिनी ने आरोप लगाया है कि जेल अधीक्षक सुजीत कुमार राउल के खिलाफ चौद्वार थाने में दर्ज प्राथमिकी वापस नहीं लेने पर जेल डीजी ने उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की धमकी दी थी। प्राथमिकी वापस लेने से इनकार करने पर उन्हें शारीरिक नुकसान पहुंचाने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई।
शिकायत के मुताबिक, आठ सितंबर को डीजी कार्यालय से लौटने के बाद ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई। बाद में उनके विरुद्ध पांच अलग-अलग विभागीय कार्रवाइयां की गईं।
चौद्वार थाने की पुलिस ने की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75(2), 351(2) और 3(5) के तहत केस नंबर 713/2026 दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस मामले में कमिश्नरेट पुलिस ने प्राथमिकी की प्रति के साथ गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को भी लिखित रूप से अवगत कराया है। कटक डीसीपी कार्यालय की ओर से इसकी पुष्टि की गई है।
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