भुवनेश्वर, जेएनएन। मयूरभंज जिले के रासगोविन्दपुर इलाके में बालू माफियाओं ने एक पूर्व सेना कर्मचारी पर जेसीबी चला दी। मृतक पूर्व सेना कर्मचारी का नाम मंटू तराई बताया जा रहा है। इस घटना के बाद इलाके में उत्तेजना का माहौल है। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार इलाके से अवैध बालू चालान का मंटू तराई विरोध कर रहे थे। वे रामचन्द्रपुर गांव के रहने वाले थे। गांव से महज एक किलोमीटर की दूरी पर बालू का खनन चल रहा था। कुछ असाधु कर्मचारियों के साथ मिलकर जेसीबी मालिक मनोज घोष ने कई दिनों से रामचन्द्रपुर बालू घाट से जेसीबी लगाकर अवैध खनन जारी रखा हुआ था। ग्रामवासी इस अवैध खनन का विरोध कर रहे थे मगर मनोज घोष, कुना कास्तव सहित इस कारोबार में लगे व्यक्तियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा था।

 पूर्व सेना कर्मचारी 33 वर्षीय मंटू तराई से यह बात बर्दास्त नहीं हुई और उसने इसका विरोध करने की ठानी। गांव के बीच बने बालू के डिपो पर विरोध करने गया मंटू जब देर तक घर नहीं लौटा तो गांव वाले उसे ढुंढने गये जहां उसका खून से लथपथ मृत शरीर पडा था। घटना के बाद इलाके में लोग गुस्से में हैं। रामचन्द्रपुर बालू घाट को तुंरत बंद करने की मांग को लेकर बारीपदा-अमर्दारोड पर रास्ता रोको किया गया। घटना गुरुवार की बताई जा रही है।

World Hindi Day 2020: हिंदी को बढ़ावा देने के लिए करनी होगी पहल, जानें बुद्धिजीवियों ने क्या कहा

 गौरतलब है कि पिछले दिनों झारखंड में भी कोयला और बालू तस्करी करने वाली आधा दर्जन आरोपितों को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया था। इस मामले में हीरोडीह थाना प्रभारी आरएस पांडेय ने कहा था कि इस थाना क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध कारोबार नहीं करने दिया जाएगा।

कलयुगी बेटे की करतूत, मां की हत्या के बाद शव के टुकड़े कर बेडशीट में बांधे

 

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस