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ओडिशा में 2027 तक नहीं बनेंगे नए जिले- तहसील या ब्लॉक, इस वजह से रुका काम

By SHESH NATH RAIEdited By: Nishant Bharti
Published: Tue, 04 Nov 2025 11:14 AM (IST)

ओडिशा में नए जिलों, तहसीलों और ब्लॉकों का गठन 2027 तक स्थगित कर दिया गया है। केंद्र सरकार की जनगणना ...और पढ़ें

ओडिशा में 2027 तक नहीं बनेंगे नए जिले

ओडिशा में 2027 तक नहीं बनेंगे नए जिले

HighLights

  1. नए जिलों का गठन 2027 तक स्थगित

  2. जनगणना के कारण लगा ब्रेक

  3. हजार नए राजस्व गांवों की योजना

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। पिछले कई वर्षों से 16 जिलों को विभाजित कर 28 नए जिले बनाने की मांग उठ रही है। बीजेडी सरकार के कार्यकाल में पद्मपुर को जिला घोषित करने की घोषणा की गई थी, लेकिन वह घोषणा अधूरी रह गई। भाजपा ने चुनाव से पहले और बाद में कहा था कि सत्ता में आने पर नए जिलों की मांग पूरी की जाएगी। लेकिन बीते डेढ़ साल में यह संभव नहीं हो पाया। अब आने वाले डेढ़ साल, यानी मार्च 2027 तक राज्य सरकार चाहकर भी नए जिले, ब्लॉक या तहसील बनाने का निर्णय लागू नहीं कर पाएगी।

जनगणना की वजह से 2027 तक रोक

केंद्र सरकार ने आगामी जनगणना की तैयारी के तहत सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि 31 दिसंबर 2025 तक जिला, तहसील, नगर, ग्राम पंचायत आदि की प्रशासनिक सीमाएं तय कर ली जाएं। इस अवधि में राज्य सरकार चाहती तो नए जिले बना सकती थी, लेकिन प्रक्रिया शुरू न होने के कारण अब केवल कुछ नए राजस्व गांवों की घोषणा और उनसे संबंधित अधिसूचना ही दिसंबर तक जारी की जा सकेगी।

पहले राज्य सरकार ने 28 नए एनएसी (नोटिफाइड एरिया काउंसिल), 7 नगरपालिकाएं और एक नगर निगम की घोषणा की थी। इनसे संबंधित अधिसूचनाएं जारी हो चुकी हैं और प्रक्रियाएं अंतिम चरण में हैं।

राज्य के जनगणना निदेशक निखिल पवन कल्याण ने बताया कि यदि राज्य सरकार नए राजस्व गांव, एनएसी, नगरपालिका, नगर निगम, ब्लॉक, तहसील या ज़िले बनाना चाहती है, तो पूरी प्रक्रिया 31 दिसंबर तक पूरी करनी होगी। 

इस अवधि में यदि किसी शहरी निकाय में नया इलाक़ा शामिल करना है या नया वार्ड बनाना है, तो उसकी सीमाएं भी तय करनी होंगी। केवल वही क्षेत्र जनगणना में शामिल होंगे जिनकी अधिसूचना समय पर जारी होगी, अन्यथा उन्हें रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया जा सकेगा।

दिसंबर तक हजार नए राजस्व गांवों की योजना

2026 अप्रैल से सितंबर तक जनगणना का पहला चरण होगा, जिसमें मकान गिनती और आधारभूत आंकड़े एकत्र किए जाएंगे। इसमें यह दर्ज किया जाएगा कि कौन-सा गांव, पंचायत, ब्लॉक, तहसील, वार्ड या जिला किस प्रशासनिक क्षेत्र में आता है।

दूसरा चरण 1 से 28 फरवरी 2027 तक चलेगा, जिसमें घर-घर जाकर जनगणना की जाएगी। पूरा कार्य 1 मार्च 2027 तक समाप्त होगा। इसलिए राज्य सरकार नई प्रशासनिक घोषणाएं या पूर्व में घोषित योजनाओं को मार्च 2027 के बाद ही लागू कर पाएगी।

वर्तमान में 20 शहरी निकायों से यह रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है कि उनके अधीन कौन-से नए गांव जोड़े गए हैं। इन्हें जनगणना में शहरी क्षेत्र के रूप में शामिल किया जाएगा। शेष निकायों को तुरंत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।

राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि “फिलहाल राज्य सरकार की कोई योजना नहीं है कि नए ज़िले, तहसील या ब्लॉक बनाए जाएं। लगभग हज़ार नए राजस्व गांवों को मान्यता देने की योजना ज़रूर है। जिन ज़िलों में प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां की अधिसूचनाएं जल्द जारी की जाएंगी। जनगणना प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकार आगे का निर्णय लेगी।