ओडिशा में चक्रवात के बाद अब बाढ़ का खतरा, 3 प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर
चक्रवात के बाद ओडिशा में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है, जहां ऋषिकुल्या, घोड़ाहाड़ और जलका नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
HighLights
ओडिशा में चक्रवात के बाद बाढ़ का गंभीर खतरा।
ऋषिकुल्या, घोड़ाहाड़, जलका नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर।
गंजाम, बालेश्वर जिलों में बाढ़ की आशंका बढ़ी।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। चक्रवात के बाद ओडिशा में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। राज्य की तीन प्रमुख नदियों ऋषिकुल्या, घोड़ाहाड़ और जलका का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है।
नदियों में लगातार बढ़ते जलस्तर से आसपास के गांवों और निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। विशेष रूप से गंजाम और बालेश्वर जिले के नदी तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
गंजाम में ऋषिकुल्या नदी खतरे के निशान से ऊपर
गंजाम जिले के पुरुषोत्तमपुर के पास ऋषिकुल्या नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। यहां नदी का खतरे का निशान 16.835 मीटर निर्धारित है, जबकि वर्तमान जलस्तर बढ़कर 18.280 मीटर तक पहुंच गया है। जलस्तर में इस वृद्धि से आसपास के गांवों में बाढ़ की आशंका जताई जा रही है।
घोड़ाहाड़ नदी का जलस्तर भी बढ़ा
गंजाम जिले में ही कुरुला के पास घोड़ाहाड़ नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। यहां खतरे का निशान 32.84 मीटर है, जबकि नदी का जलस्तर बढ़कर 34.08 मीटर हो गया है। चक्रवात के प्रभाव से हुई भारी वर्षा के बाद नदी में बढ़ते जलस्तर ने क्षेत्र में बाढ़ की आशंका को और बढ़ा दिया है।
बालेश्वर में जालका नदी उफान पर
उत्तरी ओडिशा के बालेश्वर जिले में भी बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है। बस्ता ब्लाक के मथानी के पास जालका नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। यहां खतरे का निशान 6.50 मीटर है, जबकि वर्तमान जलस्तर 6.58 मीटर दर्ज किया गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका बनी हुई है।